कमलनाथ बोले- ‘जागो शिवराज, मेरे साथ चलकर लाचार मज़दूरों की दशा देखो’

भोपाल| लॉक डाउन (Lockdown) का तीसरा चरण ख़त्म होने वाला है| अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों को सरकार वापस ला रही है| वहीं कहीं सड़कों पर पैदल ही घर को लौट रहे मजदूर दिखाई दे रहे हैं, तो कहीं बेबसी में बेल की जगह खुद जुतकर अपने परिवार को घर ले जा रहे व्यक्ति की तस्वीरें सामने आ रही हैं| इस दौर में जहां मजदूरों की घर वापसी एक बड़ा सियासी मुद्दा बना हुआ है, ऐसे में विपक्ष सरकार की घेराबंदी कर रही है | पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (kAMALNATH) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) पर बड़ा हमला बोला है|

पूर्व सीएम ने घर लौटते मजदूरों की बेबसी की तस्वीरों ट्वीट करते हुए शिवराज सरकार पर हमला बोला है| उन्होंने लिखा- ‘शिवराज जी आँखे खोलो, नींद से जागो, बेबस, लाचार मज़दूरों की दशा देखो, उनकी सुध लो। वल्लभ भवन से सरकार को बाहर निकालो। आपके सारे दावे हवा- हवाई साबित हुए है।प्रदेश की सीमाएँ , प्रमुख मार्ग आज भी मज़दूरों से भरे पड़े हुए है , उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। उन्हें घर जाने के लिये कोई साधन की व्यवस्था नहीं , कोई नियमो का पालन नहीं। कोई पैदल , कोई बैल की जगह ख़ुद को लगाकर हाँक रहा है , कोई साईकल से , कोई अन्य साधन से अपनी मंज़िल की और जा रहा है। सरकार व ज़िम्मेदार सब नदारद है। भूखे- प्यासे मज़दूर बेहद तकलीफ़ से गुज़र रहे है।

कमलनाथ ने लिखा- आपकी यह लापरवाही प्रदेश को एक बड़े संकट में भी डालेगी। बाहर से प्रदेश वापस आ रहे हज़ारों मज़दूरों की स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था नहीं , कोई मेडिकल चेकअप नहीं , कोई सोशल डिसटेंसिंग का पालन नहीं।
इससे कोरोना संक्रमण का ख़तरा गाँवो की और बढ़ता जा रहा है। शिवराज जी जागो , उठो , मेरे साथ चलो , मै लेकर चलता हूँ आपको मज़दूरों की व्यथा दिखाने। समय निर्धारित करो , मै आपको प्रदेश की सीमाएँ व प्रमुख मार्ग जो मज़दूरों से भरे पड़े है , दिखाने ले चलता हूँ।

पूर्व सीएम ने शिवराज पर हमला बोलते हुए कहा आपके सारे दावों व व्यवस्थाओं की वास्तविकता आप ख़ुद साथ चल कर देख ले। शायद इन बेबस , लाचार , निरीह मज़दूरों को ख़ुद आँखो से देखकर आपका मन पसीज जाये।