कमलनाथ सरकार का फैसला-10 साल बाद फिर बोर्ड पैटर्न पर होगी 5वीं-8वीं की परीक्षाएं

भोपाल।

5वीं और 8वी की परिक्षाएं फिर से बोर्ड पैटर्न पर होगी।शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने परीक्षाओं को फिर से बोर्ड पैटर्न पर करवाने का फैसला लिया है।स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी ने बताया कि राज्य शासन द्वारा वर्तमान अकादमिक सत्र से कक्षा 5वीं और 8वीं के बच्चों का बोर्ड पैटर्न पर वार्षिक मूल्यांकन किये जाने का निर्णय लिया गया है। कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा में पास होने के लिए विद्यार्थियों को 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना होंगे। ऐसा न होने पर 2 माह बाद पुन: परीक्षा ली जाएगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि पहले 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर होती थी। इससे बच्चे पढ़ाई को लेकर गंभीर रहते थे। बोर्ड परीक्षा बंद होने पर बच्चों के साथ शिक्षकों ने भी इसे गंभीरता से लेना बंद कर दिया। मुख्य परीक्षा में फेल होने वाले बच्चों के लिए शिक्षकों की अतिरिक्त क्लास लगाई जाएगी। इसके बाद फिर से उनकी परीक्षा होगी। अगर इस परीक्षा में भी छात्र फेल हो गया तो फिर से उसे दोबारा उसी क्लास में पढ़ना होगा। मप्र में अभी कक्षा 5वीं और 8वीं क्लास में बच्चों को फेल नहीं किया जाता है।

बता दे कि विभाग ने बच्चों पर परीक्षा के बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए 2009 में 5वीं और 8वीं की कक्षाओं को बोर्ड से अलग कर दिया था। इसके बाद इन कक्षाओं में फेल होने वाले बच्चों को औसत अंक देकर पास कर दिया जाता था। बच्चों की परीक्षा पैटर्न में बदलाव की जानकारी स्कूलों द्वारा अभिभावकों को दी जा रही है। 

एनसीईआरटी पाठ्यक्रम

मंत्री डॉ. चौधरी ने जानकारी दी कि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने योग्य बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है। सत्र 2019-20 में कक्षा 6वीं से 10वीं तक सामाजिक विज्ञान और कक्षा 11वीं में कला संकाय की एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। वर्ष 2021-22 तक क्रमिक चरणों में सभी विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी विषयों में यह पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा।

गरीब बच्चों का प्रायवेट स्कूल में प्रवेश

उन्होंने बताया कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश के प्रायवेट स्कूलों की प्रवेशित कक्षा में कमजोर वर्ग के बच्चों के लिये 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर लगभग 12 लाख से अधिक बच्चों का नि:शुल्क प्रवेश करवाया गया है। डॉ. चौधरी ने कहा किशिक्षकों की कमी को भी क्रमवार रूप से पूरा किया जा रहा है। उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक वर्ग के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित की गई है। इसमें लगभग 22 हजार शिक्षकों की शीघ्र ही नियुक्ति की जाएगी।

दक्षता-सुधार

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि कक्षा 8वीं एवं 9वीं में प्रवेशित विद्यार्थियों की दक्षता सुधार के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेशित सभी विद्यार्थियों के लिए ब्रिज कोर्स चलाए जा रहे हैं, जिसमें हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित की पढ़ाई कराई जा रही है। इसके लिए लगभग 20 हजार शिक्षक तैनात किये गए हैं।