5 साल बाद BJP संगठन में बदलाव की तैयारी, युवाओं संग सिंधिया समर्थकों को भी मिलेगा मौका

भोपाल।

15 साल एमपी (MP) पर राज करने वाली बीजेपी ने एक बार फिर सत्ता में आते ही संगठन पर फोकस करना शुरु कर दिया है।एमपी उपचुनाव (BY Election) से पहले बीजेपी (BJP) ने का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर है। इसके लिए नामों पर मंथन चल रहा है। आज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत ने नामों को लेकर बंद कमरे में चर्चा हो रही हैं। खबर है कि इसमें सिंधिया समर्थकों को भी जगह दी जा सकती है।माना जा रहा है कि इस हफ्ते बीजेपी प्रदेश संगठन और कार्यसमिति सदस्यों के नामों का ऐलान किया जा सकता है।

दरअसल, पांच साल बाद एमपी में भाजपा , संगठन की नई टीम बनाने जा रही है। बीते पांच सालों में प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया था। वीडी शर्मा से पहले राकेश सिंह मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष थे। माना जा रहा था कि राकेश सिंह नई कार्यकारिणी का गठन करेंगे लेकिन राकेश सिंह ने भी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार चौहान की बनाई टीम के साथ काम किया था।अब वीडी शर्मा को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने हुए पांच महीने का वक्त हो गया है, लेकिन वो अभी पुरानी टीम के साथ ही काम कर रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में तेजी से बदलते हुए घटनाक्रमों और उपचुनावों की रणनीति को देखते हुए बीजेपी संगठन में बदलाव की तैयारियों में जुट गई है। इसके लिए नामों पर मंथन चल रहा है। इसमें मंत्रिमंडल विस्तार के बाद रुठे और असंतुष्टों को शामिल किया जा सकता है,वही सिंधिया समर्थकों को भी जगह देने की चर्चा है ।माना जा रहा है कि उपचुनाव से पहले बीजेपी कोई रिस्क नही उठाना चाहती, इसलिए संगठन की टीम बनाकर युवाओं और असंतुष्टों को साधने की तैयारी में है।

विधायकों के शामिल होने पर संशय
सगंठन में विधायकों के शामिल होने पर संशय बना हुआ है, क्योंकि अगर वे संगठन में शामिल होते है तो अपने क्षेत्र में कम समय दे पाएंगे। चुंकी भाजपा के पिछले अनुभव ठीक नही रहे है, ऐसे में सवाल खड़े हो रहे है कि विधायक संगठन और विधायकी में तालमेल कैसे बैठाएंगे।पहले जिन विधायकों को संगठन का दायित्व सौंपा गया था, वे पूरे प्रदेश में प्रवास तो दूर संगठन की बैठकों में तक शामिल होने के लिए भोपाल नहीं आते थे। ऐसे हालात में पार्टी चाहती है कि विधायकों और सांसदों को संगठन की गतिविधियों से दूर ही रखा जाए।

जातिगत समीकरणों को साधने की तैयारी
मध्यप्रदेश में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के बाद एक बार फिर से बैठकों का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष भगत के साथ कार्यकारिणी के गठन को लेकर चर्चा की थी। माना जा रहा है कि वीडी शर्मा की टीम में नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है।वही सिंधिया समर्थकों को भी जगह दी सकती है। वही जातिगत समीकऱणों का भी इसमे ध्यान रखा जाएगा, ताकी उपचुनाव में गणित ना गड़बड़ा जाए।

नए चेहरों को मिलेगा मौका
शिवराज मंत्रिमंडल के बाद संगठन में भी युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की बात कही जा रही है। नए चेहरों और युवाओं को मौका देकर बीजेपी जनता के बीच संदेश देने की तैयारी में है कि कांग्रेस की तरह बीजेपी में युवाओं की अनदेखी नही की जाती है। पार्टी की सोच है कि संगठन में युवाओं को आगे लाया जाए। यही वजह है कि मंडल से लेकर जिला अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी ने आयु सीमा निश्चित कर दी थी ताकि पीढ़ी परिवर्तन का लक्ष्य हासिल किया जा सके। पार्टी ने 35 साल से कम उम्र के मंडल अध्यक्ष बनाए हैं और 50 साल अधिकतम आयु सीमा वाले लोगों को ही जिला अध्यक्ष बनाया गया है। हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार में देखने को मिला है कि पार्टी में युवा और नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उसी तरह से वीडी शर्मा की टीम में भी नए चेहरों के साथ युवाओं को मौका मिल सकता है।