भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस का ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान,’ मध्यप्रदेश में मिशन 2023 की तैयारी

Bhopal News : भारत जोड़ो यात्रा को विस्तार देते हुए अब कांग्रेस देशभर में ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’ चलाएगी। ये अभियान 26 जनवरी 2023 के बाद तीन महीने तक चलाया जाएगा। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी इसे लेकर तैयारियां शुरु कर दी है। ये जानकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने आज भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए दी। उन्होने कहा कि इसके अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक के हर गांव में कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे और जनता से सीधा संवाद होगा।

मध्यप्रदेश में मिशन 2023 को लेकर कांग्रेस भी तैयार है। प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के 13 दिन में पार्टी ने जनता के वन टू वन संवाद करने की कोशिश की और अब इसी कोशिश को आगे बढ़ाने के लिए ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’ चलाया जाएगा। इसमें युवाओं और महिलाओं के बीच विशेष रूप से पैठ बनाने की कोशिश होगी। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार की असफलता व वादा खिलाफी को लेकर पार्टी जनता के बीच जाएगी।

यह अभियान चलाया जायेगा तीन चरणों में

यह अभियान तीन चरण में चलाया जायेगा। पहले चरण में हर गांव और मतदान केंद्र स्तर पर पदयात्रा होगी। इसमें घर-घर जनसंपर्क करने के साथ भारत जोड़ो यात्रा की सफलता और वीडियो लोगों से साझा किए जाएंगे। युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन प्रत्येक विकासखंड में बाइक रैली निकालेंगे। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में प्रत्येक राज्य की राजधानी में महिला मार्च और महिला घोषणापत्र का विमोचन होगा।

इस यात्रा में समाज का हर वो वर्ग हुआ था शामिल

इस दौरान सुरेश पचौरी ने भारत जोड़ो यात्रा के बारे में कहा कि ये बेहद सफल रही है और पड़ाव दर पड़ाव कामयाबी के नये सोपान तय कर रही है। उन्होने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा 23 नवम्बर से 4 दिसम्बर मध्यप्रदेश में रही । मध्यप्रदेश की जनता ने राहुल गांधी का बेमिसाल स्वागत किया और इस भारत जोड़ो यात्रा को अविस्मरणीय बनाया। राहुल गांधी को इस यात्रा के दौरान अपार स्नेह और समर्थन मिला। मध्यप्रदेश में कमलनाथजी के नेतृत्व में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस यात्रा को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए प्राण-पण से जुटा रहा। इस यात्रा में मजदूर, बुनकर, कारीगर, उद्यमी, आंदोलनकारी, पूर्व सैनिक, बुद्धिजीवी, कलाकार, पर्यावरणवादी और एनजीओ सेक्टर में काम करने वाले लोग भी शामिल रहे। इस यात्रा में समाज का हर वो वर्ग शामिल था जो देश की नकारात्मक राजनीति से दुखी है।‘