मंत्री के आश्वासन के बाद पूरे प्रदेश मे चल रही जूडा की हड़ताल खत्म

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।

हालांकि मंत्री हड़ताल खत्म करने की बात कही, मंत्री विश्वास सारंग ने जूनियर डॉक्टर्स से ने साफ कहा कि पहले हड़ताल खत्म करो इसके बाद मांगों पर विचार किया जाएगा। मंत्री के आश्वासन के बाद जूडा ने हड़ताल खत्म कर दी है। नीट पीजी काउंसलिंग जल्द कराने और एमडी-एमएस प्रथम वर्ष की जगह जूनियर रेजीडेंट्स को पदस्थ करने की मांग को लेकर जीएमसी में मंगलवार से जूडा हड़ताल कर रहा था। जूडा की हड़ताल की वजह से पूरे प्रदेश के सरकारी मेडिकल अस्पतालों में मेजर आपरेशन टालने पड़ रहे थे।

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हड़ताल की वजह क्या थी 
काउंसलिंग में देरी की वजह से मेडिकल कालेजों में पीजी प्रथम वर्ष के जूनियर डाक्टर अभी तक नहीं आए हैं। यह बैच एक जून से शुरू हो जाता है। प्रथम वर्ष के छात्र नहीं होने से बाकी दो बैच के जूनियर डाक्टरों पर काम का दबाव बढ़ा है। ऐसे में वह पहले बैच की जगह जूनियर रेजीडेंट अथवा मेडिकल आफिसर को पहले बैच की जगह पदस्थ करने की मांग सरकार से कर रहे थे। इसके अलावा 2018-19 बैच के पीजी छात्र जिनका कार्यकाल मई 2021 में खत्म होने के बाद कोविड के चलते चार महीने के लिए बढ़ाया गया था उनकी बढ़ी अवधि को अनिवार्य ग्रामीण सेवा में शामिल किया जाए। तीसरी मांग यह थी कि राज्य सरकार केंद्र सरकार और नेशनल मेडिकल कमीशन को पत्र लिखकर नीट पीजी काउंसलिंग जल्दी कराने की मांग करे। बता दें कि आंदोलन में अभी जूडा ने ओपीडी, ओटी और वार्ड में सेवा देने का बहिष्कार कर दिया था।