हार के बाद बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफ़ा, पार्टी पर उठाये सवाल

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भोपाल| मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद पार्टियों में कलह के हालात बन गए हैं| भितरघात से भाजपा जैसे पार्टी को नुकसान हुआ है, वहीं बसपा में भी अब विरोध के स्वर उठने लगे हैं| पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार बसपा का गणित फेल रहा और सीटों का आंकड़ा बढ़ने के बजाय कम होगा| बल्कि कब्जे वाली सीट भी गँवा दी| अब पार्टी में कलह शुरू हो गई है, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व नेता विधायक दल सत्यप्रकाश सखवार ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है| 

सखवार ने बसपा प्रमुख मायाबती को पत्र लिख अपना इस्तीफ़ा दिया है| जिसमे उन्होंने कहा है कि पार्टी की रीति नीति से दुखी होकर और उत्तर प्रदेश के प्रभारियों से पीड़ित होकर इस्तीफ़ा दे रहा हूँ, जिन्होंने चुनाव मे भाजपा के इशारों पर काम किया, समीकरण बिगाड़े घोर भ्रष्टाचार किया, इन तमाम कारणों को लेकर सत्यप्रकाश सखवार ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है| बता दें कि मुरैना जिले की अम्बाह सीट से 2013 में बीएसपी के सत्यप्रकाश सखवार जीतकर आये थे, इस चुनाव में भी पार्टी ने सिटिंग विधायक सत्यप्रकाश सिंह सखबार को ही उम्मीदवार बनाया था, लेकिन यहां से इस बार कांग्रेस के कमल जाटव ने जीत हासिल की है, वहीं सत्यप्रकाश चौथे स्थान पर रहे| 

मायावती नाराज, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष बदले 

इससे पहले मायावती ने चुनाव में खराब प्रदर्शन के चलते प्रदेश प्रभारी राम अचल राजभर और प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह मुरैना के डीपी चौधरी को बीएसपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वही राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम को प्रदेशप्रभारी बनाया गया है। मध्य प्रदेश की कार्यकारिणी भी भंग की गई है। बता दे कि इस चुनाव में जीते दो बसपा उम्मीदवारों ने इस बार कांग्रेस की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। बताते चले कि पिछले कुछ महिनों पहले ही प्रदीप अहिरवार को नर्मदा अहिरवार की जगह  चुनाव नतीजों की समीक्षा के बाद बसपा प्रमुख ने यह कार्रवाई की है। वही प्रभारी राम अचल राजभर उत्तरप्रदेश की तत्कालीन मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे रह चुके है। चुनाव के दौरान उन्हें खास यह जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे मायावती की उम्मीदों पर खरे नही उतर पाए। बसपा ने मध्य प्रदेश में 2013 के विधानसभा चुनाव में भी 230 में से 227 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन उस चुनाव में उसके महज़ चार उम्मीदवार ही जीत सके थे और उसे कुल 06.42 फ़ीसदी वोट मिले थे। वही इस बार बसपा ने सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन दो ही उम्मीदर जीत दर्ज करवा सके।हालांकि रीवा, सतना, दमोह, भिंड, मुरैना आदि ज़िलों में बसपा का खासा प्रभाव रहा है,खुद मायावती ने प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा सभाए की,लेकिन बावजूद इसके पार्टी केवल दो ही सीटे बटोर सकी।

इन दो सीटों पर जीती बसपा

भिंड संजीव सिंह – चौधरी राकेश सिंह (भाजपा) 

पथरिया राम बाई – लाखन पटेल (भाजपा) 

मध्य प्रदेश में बसपा के दो प्रत्याशियों ने जिन सीटों पर जीत दर्ज की है, वो भिंड और पथरिया विधानसभा सीट हैं। भिंड से बसपा प्रत्याशी संजीव सिंह ने और पथरिया सीट से रामबाई गोविन्द सिंह ने जीत दर्ज की है। भिंड सीट पर संजीव सिंह ने 69107 वोट हासिल किये, जबकि दूसरे स्थान पर रहे बीजेपी के राकेश चतुर्वेदी को 33211 वोट हासिल हुए। वहीं, पथरिया सीट पर बसपा प्रत्याशी रामबाई गोविन्द सिंह ने 39267 वोट हासिल कर बीजेपी प्रत्याशी लखन पटेल को हराया. लखन पटेल को यहां 37062 वोट हासिल हुए। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस चौथे स्थान पर रही।

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