इनाम के बाद सफाई कर्मचारियों को CM ने दिया नया नाम, अब कहलाएंगें ‘सफाई मित्र’

After-the-reward

भोपाल

लोकसभा चुनाव से पहले कमलनाथ सरकार एक के बाद एक प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दे रही है। शुक्रवार को जहां मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वच्छता सर्वे में एमपी के टॉप करने पर छह नगरीय निकायों के सफाई कर्मचारियों को 5-5 हजार रुपए बोनस के रुप में सम्मान राशि देने की घोषणा की थी।वही आज शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सफाई कर्मचारियों को नया नाम दिया है। उन्होंने कहा है कि आज के बाद प्रदेश में सफाई कर्मचारियों को ‘सफाई मित्र’ के नाम से जाना जाएंगा। सरकार के इस फैसले से साफ है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का फोकस किसी एक वर्ग विशेष पर नही बल्कि हर वर्ग पर है।

दरअसल, हाल ही में हुए स्वच्छता सर्वे में देश के टॉप 20 स्वच्छ शहरों में से 6 शहर मध्य प्रदेश के चुने गए हैं। इंदौर, उज्जैन, देवास, खरगोन, नागदा भोपाल इस सर्वे में आगे रहे। इंदौर को जहां तीसरीब बार देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया वही भोपाल सबसे साफ राजधानी चुनी गयीं। इसी तरह 10 लाख से कम आबादी वाली कैटेगिरी में उज्जैन सबसे साफ शहर रहा। इसी के चलते मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार ने स्वच्छता सर्वे में टॉप पर आने वाले नगरीय निकायों को इनाम देने का फैसला किया है। जिसके अनुसार, सभी सफाई कर्मचारियों को पांच हजार रुपए का बोनस बतौर सम्मान राशि दिया जाएगा।वही आज शनिवार को कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि ”हमारे सफाई कर्मचारी स्वच्छता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए  नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को अब ‘सफाई मित्र’ के रूप में जाना जाएगा। शासकीय पत्राचार और क्रियाकलापों में ‘सफाई मित्र’ शब्द का ही प्रयोग होगा।” कमलनाथ के इस सम्मान के बाद सफाईकर्मियों में भारी उत्साह है।

इसके पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभी सफाईकर्मियों को बधाई देते हुए कहा था कि इन सफाई र्मियों की कड़ी मेहनत से पूरे देश में मध्यप्रदेश का नाम रौशन हुआ है। छह शहर सर्वोच्च स्वच्छता की श्रेणी में शामिल हुए हैं। प्रदेश के नागरिकों के लिये यह गौरव का विषय है।  स्वच्छता सर्वेच्छण 2019 में इन शहरों ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया। इस सफलता में इन शहरों के आम नागरिकों की जागरूकता और जन-भागीदारी के साथ ही असली योगदान उन सफाईकर्मियों का है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत की और लगातार कर रहे हैं। उनकी कर्मठता से यह गौरव हासिल हो पाया है।

मप्र ने जीते सबसे ज्यादा खिताब 

स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 की कैटेगरी में सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश के शहरों ने खिताब जीते हैं| मध्य प्रदेश की ओर से मंत्री जयवर्धन सिंह ने ये पुरस्कार लिया| मध्य प्रदेश के इंदौर को सबसे साफ़ शहर, भोपाल को सबसे साफ़ राजधानी और सबसे स्वच्छ छोटा शहर (5 लाख तक की आबादी वाला) कैटेगरी में उज्जैन को सबसे साफ़ शहर चुना गया है|

मध्य प्रदेश के शहरों की रैंकिंग 

– इंदौर – पहला नंबर – 4659.09 नंबर

– उज्जैन – चौथा नंबर – 4244.47

– देवास – 10वां नंबर- 3967.61

– खरगोन – 17वां नंबर – 3798.34

– नागदा – 18वां नंबर – 3794.48

– भोपाल – 19वां नंबर – 3793.68

(5 हजार में से प्राप्त हुए नंबर)

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