किसानों को यूरिया के साथ डीएवी के लिए बाध्य करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

भोपाल। मध्य प्रदेश में यूरिया संकट के बीच कृषि विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि किसी भी किसान को यूरिया के साथ डीएपी या अन्य खाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। ऐसा करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई हो सकती है। आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार प्रदेश में यूरिया की निरंतर आपूर्ती जारी है। लेकिन ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ उर्वक कंपनियां, डीलर, विक्रेता यूरिया के साथ किसानों को डीएपी अथवा अन्य आदान सामग्री प्रदाय कर रही है। इसलिए राज्य सरकार की ओर से निर्देश जारी किये गए हैं कि किसी भी स्थिति में यूरिया के साथ किसानों को डीएवी प्रदाय नहीं की जाए। 

गौरतलब है कि यूरिया की मांग घटाने और नवंबर तक की आपूर्ति में कमी करने के बावजूद इस वर्ष पिछले साल के मुकाबले अधिक यूरिया किसानों तक पहुंच चुका है। दिसंबर और जनवरी में यूरिया की सर्वाधिक जरूरत होगी। इसके मद्देनजर प्रदेश ने केंद्र सरकार से दिसंबर के लिए 2.40 लाख मीट्रिक टन यूरिया का अतिरिक्त कोटा मांगा है। वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में यूरिया संकट नहीं है। सरकार कोटा बढ़वाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री की ओर से केंद्र को पत्र भी लिखा गया है। उधर, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने यूरिया के लिए दुकानों पर लंबी लाइनें लगाने को कालाबाजारी से जोड़ा तो प्रदेश कांग्रेस ने मोदी सरकार पर किसान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।