‘कर्जमाफी’ ना होने से किसानों में आक्रोश, कृषि मंत्री बोले- फिर से शुरु होगी प्रक्रिया

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भोपाल।

कर्जमाफी ना होने से नाराज भारतीय किसान संघ ने कमलनाथ सरकार को तीन के आंदोलन की चेतावनी दी है और फल, दूध और सब्जी मंडियों में सप्लाई करने से मना कर दिया है।संघ के ऐलान के बाद से ही सरकार में हड़कंप मच गया है और पुलिस अलर्ट हो गई है। इसी बीच कृषि मंत्री सचिन यादव का बड़ा बयान सामने आया है।उन्होंने कहा है कि आचार संहिता लगने से कर्जमाफी की प्रक्रिया रुक गई थी, लेकिन अब फिर से शुरू हो गई है। किसानों को चिंता करने की जरुरत नही, सरकार अपने हर वचन को पूरा करेगी।

दऱअसल, भले ही सरकार 21  लाख किसानों के कर्जे के माफ होने का दावा कर रही हो, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। वादे के मुताबिक कर्जमाफी ना होने से किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश बढता ही जा रहा है, इसी के चलते किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। जिसके चलते हार की मार झेल रही कमलनाथ सरकार फिर सकते में आ गई है, किसानों को लगातार समझाने की कोशिश की जा रही है। इसी के चलते आंदोलन से एक दिन पहले कृषि मंत्री सचिन यादव ने बड़ा बयान जारी किया है।कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि किसानों की नाराजगी जल्द ही दूर कर दी जाएगी। किसानों को चिंता करने की जरुरत नही है। प्रदेश भर में 21 लाख किसानों का कर्जा माफ हो चुका है और अब फिर  आचार संहिता लगने से कर्जमाफी की प्रक्रिया रुक गई थी, लेकिन अब फिर से शुरू हो गई है।

यादव ने कहा कि तमाम किसानों को दिए वचनों को अब पूरा करने का वक्त आ गया है, इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। 2 लाख तक का कर्ज किसानों का माफ होगा। ये सतत प्रक्रिया है। जमीनी स्तर पर जो कमियां हैं उनको दूर किया जाएगा। सभी की हर परेशानी को दूर किया जाएगा।इसके साथ ही उन्होंने किसानों की उम्मीदों पर खरा उतरने की बात कही। 

बता दे कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के चलते कमलनाथ सरकार ने सभी किसानों को मोबाइल मैसेज भेजे थे और माफी मांगते हुए कहा था कि लोकसभा चुनाव के चलते कर्जमाफी नहीं हो पा रही है।चुनाव के बाद आपका कर्जमाफ हो जाएगा। प्रदेश के सभी किसानों को इस तरह का मैसेज भेजा गया था।हालांकि इसको लेकर भी खूब बवाल मचा था। बीजेपी ने कांग्रेस पर आचार संहिता से पहले ही मैसेज भेजने के आरोप लगाए थे।लेकिन अब चुंकी आचार संहिता हट चुकी है और सरकार ने फिर से कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरु करने की बात कही है।