अजय विश्नोई का Tweet-‘इस हाथ दे-उस हाथ ले’ का MP की राजनीति में शानदार उदाहरण

भोपाल।
सिंधिया(jyotiraditya scindia) द्वारा कमलनाथ सरकार (kamalnath sarkar) के पतन के बाद एक बार फिर एमपी की राजनीति में रविवार को नया सियासी रंग देखने को मिला।कांग्रेस को झटका देते हुए छतरपुर के बड़ामलहरा से कांग्रेस विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी (Congress MLA Pradyuman Singh Lodhi from Chhattarpur’s Badamalhara) सुबह बीजेपी में शामिल हो गए और शाम को शिवराज सरकार (shivraj sarkar) ने उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष नियुक्ति और कैबिनेट मंत्री का दर्जा (Appointment of Chairman of Civil Supplies Corporation) का तोहफा दे दिया है। वही समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल (Independent MLA Pradeep Jaiswal) को भाजपा सरकार ने खनिज निगम का अध्‍यक्ष (Chairman of Mineral Corporation) बनाते हुए कैबिनेट मंत्री का भी दर्जा दे दिया । इस पूरे घटनाक्रम के बाद  ग्रामीण विधानसभा पाटन से भाजपा के दिग्गज विधायक व पूर्व मंत्री अजय विश्नोई (Former Minister And BJP MLA Ajay Vishnoi) का ट्वीट सामने आया है।

दरअसल, अजय विश्नोई ने ट्वीट कर इशारों ही इशारों में लोधी और जायसवाल की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए है। विश्नोई का कहना है कि अब ना तो सरकार बनाना थी और ना ही गिराना।  तो इस हाथ ले और उस हाथ दे क्यों किया गया। इतना ही नही उन्होंने इसे एमपी की राजनीति में शानदार उदाहरण करार दिया है।विश्नोई ने ट्वीट कर लिखा है कि ” इस हाथ दे-उस हाथ ले, का शानदार उदाहरण प्रस्तुत हुआ है, म.प्र. की वर्तमान राजनीति में। आज जब सरकार ना तो बनाना थी और न गिराना। फिर यह क्यों किया गया? आप भाजपा को कहां ले जाना चाहते हैं? जनता को बताए ना बताए भाजपा को यह बताना होगा। या फिर हमें संस्कारों का उल्टा पाठ पढ़ाना होगा। ”इस ट्वीट ने एक बार फिर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है वही भाजपा में भी हलचल तेज कर दी है।इस ट्वीट को विधायक के मंत्री ना बनाए जाने की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।हालांकि यह पहला मौका नही है जब विश्नोई का दर्द छलका हो। इसके पहले भी विश्नोई ट्वीट कर मंत्रिमंडल विस्तार विभागों के बंटवारे को लेकर सवाल खड़े कर चुके है।

शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से सुर्खियों में विश्नोई के ट्वीट
इससे पहले अजय विश्नोई ने विभागों के बंटवारे में हो रही देरी को लेकर पार्टी पर तंज कसा था। विश्नोई ने हाल ही में बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा था कि पहले मंत्रियों की संख्या और अब विभागों का बंटवारा। मुझे डर है कही भाजपा का आम कार्यकर्ता हमारे नेता की इतनी बेइज्जती से नाराज न हो जाय। नुकसान हो जाएगा।विश्नोई के इस ट्वीट का राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के दिग्गज नेता विवेक तन्खा (Rajya Sabha MP and veteran Congress leader Vivek Tankha) ने भी सपोर्ट किया था और लिखा है कि पहले कांग्रेस का नुकसान हुआ और अब बीजेपी(BJP) की बारी है। बहुत सही अजय विश्नोई जी।इससे पहले जबलपुर से किसी विधायक को मंत्री ना बनाए जाने पर विश्नोई की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें आने वाले समय में कुछ बड़ा करने के संकेत दिए गए थे। इतना ही नही उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज को पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से यह गुजारिश की है कि महाकौशल और विंध्य इलाके में किसी वजनदार नेता को पार्टी ने मंत्री नहीं बनाया है। इन दोनों ही क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री खुद इन जिलों के प्रभारी बनें जिनसे की विकास की गति बनी रहे।अजय विश्नोई मध्य प्रदेश सरकार में पहले भी दो बार मंत्री रह चुके हैं। इस बार भी यह कयास लगाया जा रहा था कि अजय विश्नोई को मंत्रालय में मौका मिलेगा, लेकिन उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया।जिसके बाद से उनकी नाराजगी आए दिन सामने आ रही है।

(भोपाल से पूजा खोदाणी की रिपोर्ट)