अयोध्या से आये अभिमंत्रित अक्षत कलश का भोपाल में हुआ पूजन, राम मंदिर के शुभारंभ के निमंत्रण के लिए घर घर पहुंचेंगे पीले चावल

Atul Saxena
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Ram Temple Ram Mandir Ayodhya

Ram temple Ayodhya inauguration ceremony 22 January : अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के शुभारंभ और रामलला की इसमें प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को नजदीक से देखने का समय नजदीक आ गया है, तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं, देश के करोड़ों हिंदू दिवाली जैसी अनुभूति वाले इस पल के साक्षी बने उसके लिए अयोध्या से अभिमंत्रित अक्षत कलश भोपाल पहुंचे जहाँ उनका पूजन हुआ और अब ये पीले चावल घर घर पहुंचाकर लोगों को निमंत्रित किया जायेगा।

राम मंदिर का निमंत्रण देने अभिमंत्रित अक्षत कलश भोपाल पहुंचे

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विश्व हिंदू परिषद ने राम भक्तों को निमंत्रण देना शुरू कर दिया है,  इसके लिए अयोध्या से अभिमंत्रित अक्षत कलश मध्य प्रान्त में पहुँच गए है, राजधानी भोपाल के गुफा मंदिर में इन कलशों का विधि  विधान से पूजन किया और फिर अलग अलग जिलों में पहुँचाना शुरू किया।

मध्य प्रान्त के 32 जिलों के 35 लाख घरों में पहुंचेंगे निमंत्रण के पीले चावल 

बताया गया है कि विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता इन कलश में अयोध्या से आये पीले चावलों को मध्य प्रान्त के 32 जिलों के 35 लाख घरों में बांटेंगे , इसके लिए उन्होंने तहसील तहसील, गाँव गाँव जाना शुरू कर दिया है, वे 22 जनवरी को सभी राम भक्त को अयोध्या पहुंचने का निमंत्रण दे रहे हैं।

22 जनवरी को करोड़ों हिंदुओं का राम मंदिर का सपना होगा पूरा 

आपको मालूम ही है कि 22 जनवरी को करोड़ों हिंदुओं का वो सपना पूरा होने जा रहा है जो कई सदियों से उनके परिजन देखते आ रहे थे, इसमें बहुत से लोगों की आँखें इस सपने को पूरा होते नहीं देख पाई और जो इसको पूरा होते देख पा रहे हैं वे खुद को सौभाग्यशाली मान रहे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी 2024  को अयोध्या में राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे और फिर राम भक्त अपने आराध्य के दर्शन राम मंदिर में कर पाएंगे।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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