बागी सांसद बढ़ाएंगे बीजेपी की टेंशन, एक पीछे हटे तो एक मैदान में डटे

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भोपाल। शहडोल लोकसभा सीट भाजपा द्वारा कांग्रेस की हिमाद्री सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज सांसद ज्ञान सिंह अब निर्दलीय चुनाव लडऩे से पीछे हट गए हैं। उन्होंने चुनाव न लडऩे की वजह बताई है कि पैसा नहीं है। क्षेत्र में कुछ लोगों से आर्थिक सहयोग मांगा, लेकिन नही मिला। वहीं बालाघाट सांसद बोध सिंह भगत ने बताया कि वे पार्टी छोड़ देंगे, लेकिन मैदान नहीं छोड़ेंगे। 

सांसद ज्ञान सिंह ने बताया कि भाजपा संगठन या नेताओं से उनकी इस संबंध में कोई बात नहीं हुई है। ज्ञान सिंह ने कहा कि मैंने संसदीय क्षेत्र में दौरा करके कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं से आर्थिक मदद भी मांगी थी, लेकिन पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। ज्ञान सिंह ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा की उम्मीदवार हिमाद्री सिंह का समर्थन नहीं करेंगे और न ही उनके लिए क्षेत्र में वोट मांगेंगे। ज्ञान सिंह के इस फैसले से भाजपा नेताओं ने राहत की सांस ली है। लेकिन ज्ञान सिंह ने साफ़ कहा है कि वे हिमाद्रि का समर्थन नहीं करेंगे, जिससे यह भी तय है कि बीजेपी को यहां भितरघात का बड़ा खतरा साफ़ दिखाई दे रहा है| 

बगावत पर उतरे बोध सिंह, कल भरेंगे नामांकन 

टिकट वितरण से नाराज सांसद बोध सिंह भगत ने अपने बगावती तेवर दिखा दिए हैं। उन्होंने पार्टी प्रत्याशी ढाल सिंह बिसेन के खिलाफ चुनाव लडऩे का एलान कर दिया है। उन्होंने साफ कह दिया कि वह पार्टी तो छोड़ देंगे लेकिन मैदान नहीं छोड़ेंगे। वह अपने समर्थकों के साथ 9 अप्रैल का नामांकन भरेंगे। गोंदिया में कार्यकर्ता सम्मेलन में आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी उन्होंने टिकट कटने को लेकर चर्चा की है। 9 अप्रैल तक पार्टी उन्हें लेकर विचार नहीं किया तो वे बिना दल के जनता के साथ जाकर चुनाव लड़ेंगे।

भगत की नहीं मानी, अब ये मनाएंगे

पार्टी ने पहले बोध सिंह भगत को मनाने की जिम्मेदारी संगठन महामंत्री सुहास भगत को सौंपी थी, लेकिन वे इसमें सफल नहीं रहे। अब पार्टी ने प्रभात झा और नरोत्तम मिश्रा को बालाघाट सांसद को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। 

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