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भोपाल

मोदी सरकार द्वारा धारा 370  हटाए जाने पर देशभर में जश्न का माहौल है। देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जश्न शुरू हो गया। लोग इस फैसले के स्वागत के लिए सड़कों पर उतर आए। वही मध्यप्रदेश में भी चारों तरफ ढोल-नगाड़े बजाए जा रहे है, मिठाईयां बांटी जा रही है और भारत माता के नारे लगाए जा रहे है।प्रदेश के बीजेपी नेताओं ने मोदी के फैसले को ऐतिहासिक और  श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। वही बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेन्द्रनाथ सिंह मम्मा  ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भोपाल के गुमटी वालों को कश्मीर ले जाने की बात कही है।

पूर्व विधायक सुरेन्द्रनाथ सिंह मम्मा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर जश्न मनाया है। सुरेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि अब भोपाल के गुमटी वालों को कश्मीर लेकर जाएंगे। पहले कश्मीर मैं जगह देखने जाऊंगा। भोपाल में भी इस फैसले को लेकर लोग खुश हैं। न्यू मार्केट टॉप इन टाउन पर संस्कृति बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर जश्न मनाया। बता दे कि सुरेन्द्र सिंह बीते कई दिनों से गुमटी वालों की हक की लड़ाई लड़ रहे है, बीते दिनों भी उन्होंने सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था।

वकीलों ने लगाए भारत माता के नारे 

ग्वालियर हाईकोर्ट में भी वकीलों ने इस फैसले का स्वागत किया और इस पर जश्न मनाया। वहीं ग्वालियर में भी इस बात का जश्न शुरू हो गया है। वकीलों ने भारत माता जय के नारे लगाए हैं। राज्यसभा की कार्यवाही देख रहे वकीलों ने गृह मंत्री की राज्य से धारा 370 हटाने की सिफारिश सुनी वो खुशी से झूम उठे और वार रूम भारत माता की जय के नारे के साथ गूंज उठा।

लड्डू बांटकर दी बधाई  

मुरैना में भी मोदी सरकार के इस फैसले से भाजपा कार्यकर्ता खुश हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय हनुमान चौराहे पर धारा 370 हटाए जाने पर लड्डू बांटे और एक दूसरे को बधाई दी। इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष केदार सिंह यादव, पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार सहित कई भाजपा नेता मौजूद थे। वहीं शिवपुरी के बैराड़ में युवाओं ने आतिशबाजी चला कर मनाई खुशी।

धारा हटते ही जम्मू-कश्मीर में अब ये बदल गया 

-अब देश का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीद पाएगा। 

-जम्मू-कश्मीर में अब अलग झंडा नहीं रहेगा। 

-जम्मू-कश्मीर में अब दोहरी नागरिकता नहीं होगी। 

-जम्मू-कश्मीर अब अलग राज्य नहीं बल्कि केंद्रशासित प्रदेश होगा। 

-कश्मीर विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश होगा। 

-विधानसभा का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल होगा। 

-जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त 

-लद्दाख को अलग केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गया। 

-आरटीआई और सीएजी जैसे कानून भी यहां लागू होंगे। 

-जम्मू-कश्मीर में देश का कोई भी नागरिक अब नौकरी पा सकता है। 

-अनुच्छेद 370 के हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष अधिकार पूरी तरह से खत्म