राजधानी में आशा-उषा कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल, बच्चों सहित पुलिस ने नीलम पार्क में किया कैद, कमलनाथ ने कही यह बात

नीलम पार्क के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। और पुलिस द्वारा नीलम पार्क में ही सभी आशा कार्यकर्ताओं को बंद कर दिया गया और किसी को भी पार्क के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

आशा-उषा कार्यकर्ता प्रदर्शन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। पूरे मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की आशा-उषा कार्यकर्ता (asha-usha worker) अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। और इसी कड़ी में राजधानी भोपाल (Bhopal) पहुंची करीब 2 हजार आशा उषा कार्यकर्ताओं ने थाली बजाकर जमकर प्रदर्शन किया। और जहांगीराबाद (Jahangirabad) के नीलम पार्क (Neelam Park) में धरने पर बैठ गई। साथ ही सड़क भी जाम की। जिसके बाद पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लेकर पार्क में ही बंद कर दिया गया।

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गौरतलब है कि सोमवार सुबह 8:00 बजे से ही प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग शहरों जिलों और गांवों से भोपाल भोपाल पहुंची। और देखते ही देखते जहांगीराबाद के नीलम पार्क में कार्यकर्ताओं का हुजूम जमा हो गया। दोपहर 12:00 बजे तक लगभग दो हजार से ज्यादा आशा आशा कार्यकर्ता वहां इकट्ठा हो गई। और थाली बजाकर सरकार के खिलाफ जमकर धरना प्रदर्शन किया।

बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए नीलम पार्क के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। और पुलिस द्वारा नीलम पार्क में ही सभी आशा कार्यकर्ताओं को बंद कर दिया गया और किसी को भी पार्क के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

छोटे बच्चे भी मौजूद
बता दें कि इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल है। जो रात भर से पार्क में कार्यकर्ताओं के साथ कैद हैं। वहीं कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस उन सभी से शराब रवैया से पेश आ रही है। और उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। और ना ही किसी को अंदर आने दिया जा रहा है। पार्क में कैद बच्चे भूख और प्यास से परेशान हो रहे हैं। लेकिन पुलिस द्वारा खाने के लिए भी किसी को भी बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

आशा-उषा कार्यकर्ताओं को नाथ का समर्थन
आशा कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन को कमलनाथ थी सपोर्ट करते हुए कहा कि पूर्णा महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ता बहनों ने कोरोना के नियंत्रण एवं बचाव के लिए निरंतर कार्य कर, कोरोना योद्धा का अपना दायित्व ईमानदारीपूर्वक निभाया परंतु शिवराज सरकार के संवेदनहीन रवैये के चलते आज आशा- उषा कार्यकर्ता आंदोलन करने पर मजबूर है। यह बेहद शर्मनाक है कि जब यह बहने सरकार को उनका वादा याद कराने भोपाल आई है तो इन्हें मामा की सरकार ने जेल की तरह क़ैद कर दिया है। यह बहने आज अपने बच्चों के साथ भूखे- प्यासे ताले में नीलम पार्क में क़ैद है, इन्हें नज़रबंद कर दिया गया है, मीडिया का प्रवेश भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। सरकार इनको रोज़गार देने की बजाय बेरोज़गार करने में लगी हुई है। कांग्रेस आशा-उषा कार्यकर्ता बहनों की मांगों का पूर्ण समर्थन करती है और हम सरकार से मांग करते है कि आशा-उषा कार्यकर्ताओ की मांगों पर सरकार तत्काल निर्णय ले।

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