VIDEO: भाजपा सांसद के खिलाफ मामला दर्ज करने कलेक्टर ने एसपी को दिए निर्देश

भोपाल। मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद केपी यादव की मुश्किलें बढ़ सकती है। क्रीमीलेयर जाति प्रमाण पत्र के मामले में केपी यादव और उनके बेटे सार्थक के प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने की बाद कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा ने एसपी को केस दर्ज करने के लिए लिखा है। 

अपर कलेक्टर ने सांसद व उनके बेटे के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र की शिकायत मिलने पर जांच कराई थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद सांसद और उनके परिवार का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया। कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद एसपी पंकज कुमावत ने बतया, दोनों पर केस दर्ज करने विधिक राय ली जा रही है। पता कर रहे हैं कि प्रमाण पत्र बनाने में किसकी भूमिका रही। 

गौरतलब है कि, कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर सुर्खियों में आये डॉक्टर के पी यादव की मुसीबतें बढ़ सकती है।  मुंगावली  के  कॉंग्रेस विधायक बृजेंद्र सिंह यादव ने बीते माह प्रशासन को एक शिकायत की थी । इसमें कहा गया था कि डॉक्टर के पी यादव द्वारा 20.12. 2014 में पिछड़ा वर्ग का जो जाति प्रमाण पत्र हासिल किया है ,उस दौरान उन्होंने अपनी आय एक लाख रु से कम होना बताई थी। साथ ही 22.7. 2019 में उनके पुत्र सार्थक यादव ने जो जाति प्रमाण पत्र हासिल किया है । उसमें आय 5 लाख रु से कम दर्शाई गई है। विधायक ने शिकायत में लिखा है, कि दोनों ही शपथ पत्रों में डॉ के पी यादव एवं उसके परिवार की जो आय दर्शाई गई है वास्तविक आय से उससे अधिक रही है। इसके लिए उन्होंने डॉ के पी यादव के द्वारा चुनाव के दौरान भरे शपथ पत्र एवं आय के अन्य दस्तावेज पेश किए थे। जिनमें 2014 में उनकी आय एक लाख से ज्यादा एवं 2019 में 5 लाख से अधिक पाई गई है। मुंगावली  एसडीएम ने इसकी जांच कराई जिसमे विधायक की शिकायत सही पाई गई। जिसके बाद क्रीमिलियर से बाहर छात्रवृत्ति एवं आरक्षण में लाभ के उद्देश्य से बनवाये गये क्रीमीलेयर से बाहर के पिछड़े वर्ग का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया।