उपचुनाव से पहले असंतुष्टों को साधने शिवराज का मास्टर स्ट्रोक

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) से एक दिन पहले हुई शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet Meeting) की अहम बैठक में मध्य प्रदेश सहकारी सोसायटी संशोधन अधिनियम 2020 को मंजूरी मिल गई है| इसके बाद अब जिला सहकारी बैंकों और अपेक्स बैंक में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा इनसे जुड़ी सहकारी समितियों में सरकार से जुड़े राजनीतिक व्यक्तियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया| अब विधायक-सांसद कोऑपरेटिव संस्था में प्रशासक बन सकेंगे|

यहां पर अब शासक के साथ सलाहकार समितियों में भी लोग एडजस्ट हो सकेंगे| इसके साथ ही सहकारी समिति की केपीसीटी लिमिट 25% बढ़ाई जा सकेगी| पार्टी में असंतुष्टों को साधने इसे सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है|

मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं बना पाए कई विधायक, नाराज चल रहे हैं| इसके अलावा चुनाव में टिकट न मिल पाने और कई वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी समय समय पर सामने आ चुकी है| ऐसे में इन नेताओं को सहकारी बैंकों और अपेक्स बैंक में नियुक्ति देकर एडजस्ट किया जा सकता है|