आचार संहिता के बीच चोर, लुटेरों का आतंक, क्राइम रोकने से ज्यादा दबाने में पुलिस का ध्यान

Chhatarpur

भोपाल। फराज़ मुस्तफा| राजधानी के सभी मुख्य मार्गो से लेकर गली कूचों तक इना दिनों जोर-शोर के साथ में चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। आचार संहिता के मद्देनजर जगह-जगह बैरिकेडिंग कर पुलिस द्वारा वाहन चैकिंग की जा रही है। पुलिस के चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बीच शहर में अपराधों का ग्राफ लगातार आसमान छू रहा है। लूट, चोरी और डकैती जैसी वारदातें आम हो चुकी हैं। इन्हें रोकने में नाकाम पुलिस फरियादियों की एफआईआर ही नहीं दर्ज कर रही है। जहां मामला दर्ज भी किया जाता है तो धाराओं में हेरफेर कर दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस साल अकेले जनवरी माह में 20 लूटों के साथ लुटेरों ने भोपाल पुलिस को सलामी दी थी। तब से लूट की वारदातों का सिलसिला बदस्तूर जारी है। शहर में मार्च महीने तक करीब 30 लूट की वारदातें दर्ज की जा चुकी हैं। जिसमें 22 चेन लूट की घटनाएं शामिल हैं। 

– इन वारदातों को दबाया और खुलासा भी नहीं कर सकी पुलिस

ज्वैलर्स के ड्रायवर को हमले के बाद में लूटा, दर्ज सिर्फ हत्या का प्रयास

शनिवार की रात को करीब नौ बजे कोतवाली इलाके के यूनानी शफा खाने वाली गली में अग्रवाल ज्वैलर्स के मालिक जय मोहन अग्रवाल के ड्रायवर अब्दुल रहमान को तीन गोलियां मारने के बाद में तीन बदमाशों ने उनके हाथ में मौजूद बैग छीन लिया था। इस मामले में पुलिस ने महज हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में तर्क दिया गया कि फरियादी ने पहले बैग छीनने का जिक्र एफआईआर में नहीं किया था। जबकि घटना के बाद ही फरियादी ने मीडीयाकर्मियों से बातचीत में टिफन के बैग झपटने की बात साफ कही थी।

– वैयर हाउस कारोबारी के घर डकैती का मामला

बीती 21-22 जनवरी की दरमियारी रात नीलबढ़ की पूजा कॉलोनी के निवासी एसएन पांडे के घर हथियारों से लैस आधा दर्जन बदमाश दाखिल हुए थे। आरोपियों ने यहां परिवार के सदस्यों पर हमले का प्रयास किया था। एक कमरे में रखा बैग लेकर चंपत हो गए थे। जिसमें कुछ नकदी व अन्य सामान रखा था। इतना ही नहीं आरोपियों ने एक अलमारी का लॉक उखाडऩे का प्रयास किया था। जिसमें नाकाम होने के और परिवार द्वारा लगातार शोर मचाने के बाद में आरोपी फरार हो गए हो गए थे। इस मामले को दबाने के रातीबढ़ पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज किया था।