बीजेपी विधायक की सदस्यता बहाली को लेकर भार्गव ने फिर सरकार को घेरा

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भोपाल| हाई कोर्ट से स्टे मिलने के बाद भी प्रह्लाद लोधी की विधानसभा सदस्यता बहाल नहीं किये जाने को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधानसभा अध्यक्ष पर हमला बोला है| भार्गव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक पद का ध्यान रखें। प्रह्लाद लोधी अभी विधायक हैं, विधानसभा को ये मानना चाहिए। वहीं बीजेपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रह्लाद लोधी को लेकर रणनीति तैयार कर रही है| सोमवार को भार्गव के घर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरण शर्मा ने बैठक की है| 

तहसीलदार से मारपीट के मामले में पवई विधायक प्रह्लाद लोधी को भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी| जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने प्रह्लाद लोधी की सदस्यता समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए| इसके बाद प्रह्लाद लोधी हाई कोर्ट पहुंचे, जहाँ से उन्हें बड़ी राहत मिली है| भोपाल की स्पेशल कोर्ट द्वारा सजा के फैसले पर हाई कोर्ट ने जनवरी 2020 तक रोक लगा दी है| जिसके बाद से ही प्रदेश में इसको लेकर राजनीति हो रही है| भाजपा का आरोप है कि जल्दबाजी में विधानसभा अध्यक्ष ने यह फैसला किया था, अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रह्लाद लोधी की सदस्यता बहाल की जानी चाहिए| इस मामले में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना साधा है।

 नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रह्लाद लोधी अभी विधायक हैं, विधानसभा को ये मानना चाहिए। भार्गव ने कहा कि विधानसभा निचली अदालत के फैसले पर 24 घण्टे में एक्शन लेती है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक पद का ध्यान रखें। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा का बयान भी सामने आया है। शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट का स्टे आते ही प्रह्लाद लोधी की विधायकी स्वतः बहाल हो गई है।