भार्गव बोले, ‘केस लड़ने लोधी को जमीन गिरवी रखनी पड़ी, इस स्थिति के लिय स्पीकर जिम्मेदार’

भोपाल। विधायक प्रहलाद लोधी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई विशेष अनुमति याचिका को आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने जबलपुर हाईकोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए याचिका को खारिज किया है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सत्य की जीत बताया है। 

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बयान जारी कर कहा कि विधायक प्रहलाद लोधी को न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि एक विधायक को न्याय के लिए इतना संघर्ष करना पड़ा। जिसके लिए एकमात्र सिर्फ विधानसभा अध्यक्ष ही जिम्मेदार है। जिन्होंने 2 दिन में निचली अदालत के फ़ैसले को मानकर विधायक प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी और उनका स्थान भी रिक्त कर दिया। उनके प्रश्न पूछने का अधिकार भी छीन लिया गया। उन्हें सुनवाई के कोई मौका नही दिया। 

उन्होंने कहा कि विधायक लोधी की साढ़े 4 एकड़ जमीन थी जो उन्होंने केस लडऩे के लिए गिरवी रखी इससे दर्दनाक स्थिति कोई और हो नही सकती। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विधायकों का संरक्षक होता है। लेकिन अध्यक्ष ने संरक्षण न देकर पद भक्षण का कार्य किया है। उच्चतम न्यायालय का आदेश ऐसी व्यवस्था पर करारा तमाचा है। मुझे उम्मीद है की मध्यप्रदेश सरकार और विधानसभा अध्यक्ष अब ऐसे कृत्यों पर परहेज करेंगे। गोपाल भार्गव ने कहा कि न्यायालय के इस निर्णय के बाद तत्काल विधानसभा अध्यक्ष विधायक लोधी की सदस्यता बहाल करें अन्यथा इसे न्यायालय की अवमानना ही माना जायेगा।