खेतों में नरवाई जलाई तो किसान पर दर्ज होगा केस

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भोपाल। होशंगाबााद में खेतों में खड़ी फसलें में आगजनी की घटना होने के बाद भोपाल कलेक्टर ने नरवाई जलाने को लेकर सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी निर्देश कि अनुसार फसल कटाई के बाद खेत में रह गई गेहूं की नरवाई (डंठल) को जलाने वाले किसानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा। यह आदेश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 30 की उपधारा 3 के तहत जारी किए गए हैं। 

इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को पानी की व्यवस्था के तहत पानी की टंकियां तैयार रखने के निर्देश भी जारी किए हैं। कलेक्टर ने बताया कि कई बार आग लगने के अलग-अलग कारण होते हैं। बिजली के तारों में शार्ट सर्किट होने पर भी आग लगने की घटना हो सकती है। लिहाजा सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। बता दें कि आपदा प्रबंधन एक्ट में स्पष्ट है कि खेतों में नरवाई जलाए जाने पर पर्यावरण प्रदूषण के साथ ही मिट्टी की उत्पादकता कम होती है। हर साल रबी सीजन के बाद गेहूं की फसल कटाई करने पर बची नरवा�� को साफ करने के लिए किसान उसमें आग लगा देते हैं। इसे जलाने से आस पास के वातावरण का तापमान बढऩे लगता है जो कि ग्लोबलवार्मिग के लिए उत्तरदायी है। वहीं, भूमि की उर्वरकता और जैव अंश नष्ट हो जाते हैं। कुछ समय बाद जमीन बंजर हो जाती है। पशुओं के लिए प्राप्त होने वाला भूसा भी नहीं बचता है। लिहाजा कलेक्टर ने सावधानी बरतने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही शहर में टैंकरों को तैयार रखने और पानी के उचित इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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