कुल्लू का शॉल, यूपी का कॉरपेट लुभा रहा भोपाल को, हस्तशिल्प ने सजाया हाट

भोपाल। बीते हुए साल के आखिरी दिन और नए साल के शुरूआती दिनों को कुछ खास बनाने के लिए राजधानी भोपाल ने एक छत के नीचे देशभर की विभिन्न कलाओं को संजोया है। बीते साल को विदा करने और नए साल की आगवानी करने दिलों में खुशनुमा रंगत लिए निकले शहरियों के लिए कुल्लू का शॉल, यूपी का कॉरपेट और प्रदेश के बाग प्रिंट से लेकर सीधी की पंजा दरी तक मुहैया कराई गई है। सप्ताहभर चलने वाला यह कलात्मक बाजार राजधानी के भोपाल हाट में सजाया गया है।

वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से लगाए गए भोपाल हाट बाजार की सुनहरी छठा 6 जनवरी तक बिखरी रहेगी। इस दौरान देशभर के हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को उनकी कलात्मक सामग्री के साथ जुटाया गया है। मेले में मप्र के विभिन्न मशहूर आयटम बाग प्रिंट, चंदेरी, बाम्बू और जूट के सामान के अलावा सीधी की पंजा दरी आदि मौजूद है। इसके अलावा कश्मीर से कन्याकुमारी तक के फैले विभिन्न प्रदेशों के कारीगर भी अपनी कला की नुमाईश और बिक्री इस बाजार में करते नजर आ रहे हैं। हस्तशिल्प विकास मंत्रालय के स्थानीय कार्यालय और को-हेण्ड्स के सहयोग से संचालित इस बाजार में राजस्थान, गुजरात, हिमाचल, कर्नाटक आदि प्रदेशों से आए शिल्पियों की बड़ी तादाद का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि भोपाल हाट की स्थायी 40 दुकानों के अलावा कई कलाकारों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करना पड़ी है। विभाग के स्थानीय सहायक निदेशक अर्चित सहारे का कहना है कि शिल्पियों को उनकी कला सीधे लोगों तक पहुंचाने का बेहतर माध्यम मानते हुए इस तरह के बाजारों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कलाओं के पारंगत शिल्पी अपने स्तर पर कला को नया स्वरूप देने में लगे रहते हैं, इनका प्रदर्शन और लोगों तक इसकी पहुंच भी जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि इन बाजारों का एक सीधा सा मकसद कलाकारों और शिल्पियों को उनकी मेहनत का मुनासिब दाम दिलवाना भी है। बिचौलियों को हटाकर सीधे ग्राहकों से ताल्लुक पैदा करने में जहां ग्राहक को फायदा मिलता है, वहीं शिल्पी को भी उसकी कला का उचित दाम मिल पाता है। दिल्ली को-हेंडस से आयोजन के लिए भोपाल आए नरेन्द्र ने कहा कि वस्त्र मंत्रालय देशभर के कला गुरूओं और कला प्रेमियों को बेहतर मौके देने के लिए हमेशा सजग रहता है और इस तरह के प्रयासों से सभी के लिए फायदे के मौके बनाता रहता है। 

संगीत लहरियों के बीच गुजरती शाम

एक के दाम में कई फायदे की कहावत को चरितार्थ करते हुए भोपाल हाट में आने वाले ग्राहकों को हर शाम सांस्कृतिक आयोजनों का लुत्फ उठाने का मौका भी मिल रहा है। यहां विभिन्न कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुति देकर आगंतुकों का मनोरंजन किया जा रहा है। इसके अलावा यहां मौजूद फूड जोन पर मौजूद विभिन्न तरह क जायके से भी लोगों की जुबां की जिज्ञासा दूर हो रही है। सर्द मौसम में भोपाल हाट में पहुंचने वालों को देशभर की कला के दर्शन, उन्हें साथ ले जाने के मौके, संगीत लहरयिों के अलावा देशभर के जायकों का स्वाद लेने का बेस्ट काम्बो हासिल हो रहा है।

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