Bhopal News : हाथी ने ली अपने ही मालिक की जान, पुलिस ने कस्टडी में लेकर थाने में पेड़ से बांधा

हाथी ने दो साल पहले भी एक युवक की जान ले ली थी। करीब एक साल पहले भोपाल में ही रात में एक युवक हाथी को केले खिलाने आया था, तभी उस पर भी हमला कर दिया था। उसे वन विभाग को सौंप देना चाहिए।

Amit Sengar
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Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ी खबर आ रही है। जहाँ एक हाथी ने एक महावत को कुचलकर मार दिया। जानकारी मिल रही है कि ये महावत का पालतू हाथी है। वह दरमियानी रात को हाथी के पास सो रहा था, तभी हाथी ने उसको सूंड से उठाकर पटक दिया। फिर हाथ पकड़कर घसीटा और पैर से कुचल दिया। जैसे ही इस बात की सूचना पुलिस को मिली छोला मंदिर पुलिस हाथी को थाने ले आई है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि घटना बुधवार देर रात भानपुर ब्रिज के पास की है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि सतना जिले के सलैया कै रहने वाले नरेंद्र कपाड़िया को उन्हीं के पालतू हाथी ने कुचलकर मार दिया। आगे बताया कि नरेंद्र अपने पांच साथियों के साथ हाथी को देशभर में घुमाते थे। इस दौरान मिले दान से उनका खर्चा चलता था। बुधवार रात परवलिया के रास्ते वह भोपाल पहुंचे थे। अगले दिन सुबह विदिशा जाने की योजना बनाई थी। भानपुर ब्रिज के नजदीक खाली मैदान में पेड़ के नीचे हाथी को बांध दिया। रात करीब 9 बजे खाना खाया और हाथी के नजदीक ही सो गए। तभी हाथी ने महावत को कुचलकर मार दिया। घटना के बाद पुलिस ने हाथी को अपनी निगरानी में ले लिया है। हाथी को मृतक के साथी महावत पुलिस की मौजूदगी में थाने तक लेकर आए। हाथी को थाने के पिछले हिस्से में पीपल के पेड़ से बांधकर रखा गया है। पुलिस ने हाथी की देख-रेख के लिए मृतक के साथियों में से एक महावत को थाने में ही रहने कहा है।

महावत के साथी ने बताया, कि रात करीब 11.30 बजे हाथी जोर – जोर से चिंघाड़ने लगा। हम सभी की नींद खुल गई। देखा तो हाथी नरेंद्र को सूंड से उठाकर पटक रहा था। हमने छुड़ाने की कोशिश की, तो हाथी ने नरेंद्र को घसीटा और पैर से कुचल दिया। उनकी मौत हो गई। हमने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को देर रात मॉर्चुरी भेज दिया।

हाथी ने दो साल पहले भी एक युवक की ली थी जान

महावत के भांजे ने जानकारी देते हुए बताया, कि मुझे कल रात 12 बजे फोन आया था कि मामा को हाथी ने पटक दिया है, लेकिन किसी ने उनकी मौत की जानकारी नहीं दी। मैं रात को ही गाड़ी से यहां पहुंचा, तब पता चला कि मामा की मौत हो गई है। आगे बताया कि हाथी ने दो साल पहले भी एक युवक की जान ले ली थी। करीब एक साल पहले भोपाल में ही रात में एक युवक हाथी को केले खिलाने आया था, तभी उस पर भी हमला कर दिया था। उसे वन विभाग को सौंप देना चाहिए।

फॉरेस्ट के वरिष्ठ अधिकारी को दी गई थी सूचना, नहीं लिया कोई एक्शन

पीपुल्स फॉर एनिमल की संचालिका ने बताया कि जिस हाथी (मादा) ने महावत को कुचला है, उसका नाम जानकी है। इसे हम पिछले 15 दिन से फॉलो कर रहे थे। इन्हें रिहायशी इलाकों में घूमाना भी उचित नहीं है। हम इसकी शिकायत डीएफओ सहित तमाम अधिकारियों से कर चुके थे। समय पर एक्शन होता तो घटना टल जाती। पिछले दिनों इस हाथी को अवधपुरी में देखा गया था, तब भी फॉरेस्ट के वरिष्ठ अधिकारी को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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