शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश में बनेंगे ऑटोमेटेड मोटर फिटनेस सेंटर

वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा सभी राज्यों में ऑटोमेटिव मोटर फिटनेस सेंटर की स्थापना के निर्देश दिये हैं।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Governmant) जल्दी ही प्रदेश में कमर्शियल वाहनों की फिटनेस के लिए ऑटोमेटेड मोटर फिटनेस सेंटर शुरू करेगी। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह सिंह राजपूत (MP Transport Minister Govind Singh Rajput) ने आज मंगलवार को मंत्रालय में इस विषय में अधिकारियों और कंसलटेंसी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों पर लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस के लिये ऑटोमेटेड मोटर फिटनेस सेंटर (Automated Motor Fitness Center)  की स्थापना की जाना प्रस्तावित है। सेंटर्स की स्थापना से फिटनेस प्रमाण-पत्र देने के पूर्व वाहनों की फिजिकल चेकिंग एक ही स्थान पर हो जायेगी। वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा सभी राज्यों में ऑटोमेटिव मोटर फिटनेस सेंटर की स्थापना के निर्देश दिये हैं।

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परिवहन मंत्री श्री राजपूत मंगलवार को मंत्रालय में प्रमुख सचिव परिवहन फैज अहमद किदवई, परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा एवं कंसलटेंसी कम्पनी आई-केट के अधिकारियों के साथ प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वाहनों का फिटनेस मेन्युअली किया जा रहा है।

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संस्था द्वारा बताया गया कि एक सेंटर की स्थापना पर लगभग 15 करोड़ रूपये का व्यय होगा। एक सेंटर की स्थापना से एक साल में लगभग 40 हजार वाहनों की फिटनेस एवं जाँच की जा सकेगी। फिटनेस सेंटर में वाहन की चेकिंग के दौरान पॉल्यूशन, ऑइल लीकेज, ब्रेक, लाइट्स, व्हील अलाइनमेंट, स्पीड गवर्नर आदि की मशीनों से जाँच के बाद ही फिटनेस प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।

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