MP Flood : मप्र के किसानों को बड़ी राहत, कृषि मंत्री कमल पटेल ने दिए ये निर्देश

भोपाल,डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में बाढ़ से मची तबाही के बाद प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Sarkar) लगातार किसानों और गरीबों की भरपाई में जुटी हुई है।लगातार सरकार द्वारा राहत को लेकर बड़े फैसले लिए जा रहे है।अब किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने निर्देश दिए है कि जिन जिलों में अति-वृष्टि या बाढ़ से फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक क्षति पहुँची है, उन जिलों को आपदाग्रस्त (Distressed district) कराये जाने के लिये समुचित आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

सोमवार को कृषि मंत्री कमल पटेल ने हरदा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के कृषि उप संचालकों से चर्चा की। उन्होंने जिलों में फसलों को हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त कर वास्तविक आंकलन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अति-वृष्टि या बाढ़ से फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक क्षति पहुँची है, उन जिलों को आपदाग्रस्त कराये जाने के लिये समुचित आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

फसल बीमा का किसानों को मिले लाभ
भारत सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार फसल बीमा योजना (Crop Insurance Policy) का लाभ शत-प्रतिशत किसानों (Farmers) को दिलाये। बीमा का लाभ दिलाने में कहीं कोई कमी पाई जाती है, तो उसे दुरुस्त करायें और उन किसानों को भी फसल बीमा का लाभ दिलायें। रबी-2020 की फसलों का बीमा कराने में वन ग्रामों को भी शामिल करने के लिये आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिये पटवारी हल्कों में 100 हेक्टेयर में बोई जाने वाली फसलों की सीमा को घटाकर 50 हेक्टेयर कर दिया गया है। नये निर्देशों के अनुरूप फसलों का बीमा कराये जाने में किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराई जाये। उन्होंने बताया कि आगामी 18 सितम्बर को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत प्रदेश के 22 लाख किसानों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 4,688 करोड़ की फसल बीमा राशि सिंगल क्लिक से किसानों के खातों में पहुँचाई जायेगी। इसके लिये सभी आवश्यक कार्यवाही पहले से पूर्ण कर ली जाये।

किसानों को उर्वरक की कमी नहीं आने दी जायेगी-पटेल

इसके साथ ही किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने यूरिया की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा। अब तक यूरिया की कालाबाजारी करने वाले 30 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। आगे भी यह कार्यवाही जारी रहेगी। किसानों को उर्वरक की कमी हरगिज नहीं आने दी जायेगी। मंत्री पटेल ने बताया कि एक अप्रैल, 2020 से अब तक यूरिया की कालाबाजारी, अवैध भण्डारण और अमानक स्तर के खाद, बीज, दवाई की बिक्री करने पर 137 दुकानदारों के लायसेंस निलंबित किये गये हैं। इसी प्रकार 65 दुकानदारों के लायसेंस निरस्त कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि 10 सितम्बर, 2020 तक 11 लाख 60 हजार मीट्रिक टन यूरिया प्रदेश को प्राप्त हुआ है, जिसमें से 10 लाख 40 हजार मीट्रिक टन यूरिया वितरित कर दिया गया है। विगत वर्ष की तुलना में 85 हजार मीट्रिक टन अधिक यूरिया वितरित किया जा चुका है

 

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