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भोपाल। राजधानी की उत्तर विधानसभा से विधानसभा भाजपा की प्रत्याशी रह चुकी फ़ातेमा रसूल सिद्दीकी ने लोकसभा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रधानमंत्री मोदी में आस्था जताते हुए उन्होंने प्रज्ञा के चुनाव हारने का दावा किया है। उन्होंने प्रज्ञा ठाकुर को शहर की फिजा खराब करने वाली महिला बताते हुए उन्हें टिकट दिया जाना भाजपा का गलत फैसला बताया है

बीजेपी की भोपाल उत्तर से प्रत्याशी रही फातिमा रसूल सिद्दीकी ने साध्वी के विरूद्ध नारा दिया है, ‘मोदी तुझसे बैर नहीं, साध्वी तेरी खेर नही।’ फातिमा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि साध्वी के लिए प्रचार करने नहीं जाउंगी। उन्होंने कहा कि गंगा- जमुनी तहजीब के चलते शहर की पहचान है। जबकि साध्वी हिन्दू- मुस्लिम की राजनीति कर बीजेपी को बदनाम कर रही हैं। फातिमा ने कहा कि वे शिवराज को देखकर भाजपा में गई थीं लेकिन अब पार्टी के हालात बदले हुए दिखाई दे रहे हैं। भाजपा की प्रत्याशी रह चुकी फातिमा ने प्रज्ञा ठाकुर की जीत पर संशय जाहिर करते हुए कहा कि साध्वी चुनाव तो जीतेंगी नहीं, बल्कि उनके बडबोल का असर दूसरी सीटों पर भी पड़ेगा। उन्होंने भोपाल लोकसभा के लिए प्रत्याशी चयन में हुई गलती की बात पर कायम रहते हुए कहा कि यहां अलोक संजर, अलोक शर्मा, विश्वास सारंग और सुरेन्द्रनाथ सिंह जैसे कई अच्छे नेता मौजूद हैं, जिन्हें उम्मीदवार बनाया जा सकता था।

साध्वी-फातिमा की एक कहानी

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और फातिमा रसूल सिद्दीकी की भाजपा में आमद एक जैसी है। जिस तरह साध्वी को पार्टी की सदस्यता के साथ ही लोकसभा चुनाव का टिकट थमा दिया गया है, उसी तरह फातिमा की लॉटरी विधानसभा चुनाव में लगी थी। लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा के समय भी कई उम्मीदवारों को दरकिनार कर टिकट नई आमद को दे दिया गया था।

फातिमा कांग्रेस घराने से

प्रदेश में मंत्री रह चुके रसूल अहमद सिद्दीकी कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते हैं। उनकी हार और इंतकाल के बाद परिवार का कोई भी सदस्य सक्रीय सियासत में नहीं रहा है। लेकिन रसूल अहमद सिद्दीकी के इंतकाल के वर्षों बाद अचानक उनकी बेटी फातिमा का भाजपा में शामिल हो जाना शहर के लिए चोंकाने वाला फैसला था। सम्भवतः इसी कारण उन्हें उत्तर विधानसभा से शर्मनाक हार से दो-चार होना पड़ा था।