बीजेपी नेता का आरोप- “नदी बचाओ यात्रा के नाम पर पूर्व मंत्री कर रहे हैं छलावा”

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भिंड, गणेश भारद्वाज। जिले में जारी नदी बचाओ पदयात्रा को लेकर भाजपा नेता डॉ रमेश दुबे ने कहा कि ये पदयात्रा जनजागरण के नाम पर छलावा है और पदयात्रा के नाम पर केवल वाहनों से भ्रमण हो रहा है।

डॉ रमेश दुबे ने कहा कि जो खदान बचाओ यात्रा जिले में चलाई जा रही है वो एक प्रकार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दोहन है। अपने निजी स्वार्थ के लिए डॉ गोविंद सिंह द्वारा ये दोहन किया जा रहा है। आम कांग्रेस कार्यकर्ता इनके स्वार्थ को समझ नहीं पा रहा है कि पदयात्रा की मुख्य वजह जनजागरण नहीं बल्कि रेत की गाढ़ी कमाई का लालच है। उन्होने कहा कि लहार से शुरू हुई पदयात्रा में जहां जहां रात में पड़ाव डाले गए, वहां की सारी व्यवस्थाएं रेत माफियाओं द्वारा की जा रही है। रात्रि पड़ाव के लिए गद्दे, तकिए, भोजन आदि में खर्च होने वाला पैसा उसी रेत से प्राप्त किया गया है जो डॉ गोविंद सिंह की छत्रछाया में उन रेत माफियाओं ने सिंध नदी को छलनी करके कमाया है।

डॉ दुबे ने कहा कि ऐसी पदयात्रा पहली बार देखी जा रही है जिसमे लूटने वाले ही लूट को रोकने के लिए जनजागरण यात्रा में शामिल हैं। खदान बचाओ यात्रा केवल दिखावे के लिए पदयात्रा है, जबकि इस यात्रा में तमाम वाहनों में भरकर लोगों को ढोया जा रहा है। बरही में रुकने के बाद सभी कथित पदयात्री मय सेनापति के वाहनों में बैठकर भिंड होते हुए लक्ज़री वाहनों एवं दो विद्यालयों की बसों से भिण्ड, मानपुरा, बाराकला, अकोड़ा, ऊमरी, रूर, किशोर सिंह का पुरा होते हुए खैरा श्यामपुरा पहुंच गए और स्वयं डॉ गोविंद अपनी लक्ज़री गाड़ी में बैठते हुए अपने अनुयायियों को पीछे पीछे आने की कहा।

उन्होने कहा कि पूरी यात्रा के दौरान मुख्य मुख्य लोगो ने रात्रि विश्राम अपने अपने घरों पर किया और आम कार्यकर्ता रेत के टीलों पर पड़ा रहा। अब ये कैसी पदयात्रा है ये समझ से परे है जिसमें वाहनों में बैठकर पदयात्रा की जा रही है। डॉ रमेश दुबे ने कहा कि डॉ गोविंद सिंह कह रहे हैं कि वो जनता को जल एवं नदी संरक्षण के लिए जागरूक कर रहे हैं और नदी संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसका अर्थ ये हुआ कि अभी तक इतने वर्षों से वो न अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे और नाहीं अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार थे, यदि होते तो ऐसी यात्राएं पूर्व में भी उनके द्वारा की जाती। आज ये कथित पदयात्रा निकालकर इतने वर्षों से जो सिंध को छलनी करने का जो पाप किया है उसका दिखावटी प्रायश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन जनता इनके छलावे को पहचान चुकी है।