भाजपा ने खेती को घाटे का धंधा बना दिया और अब किसानों का हक मांग रहे: सलूजा

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा हर मोर्चे पर सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यूरिया किल्लत के बाद अब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुई परेशानी के लिए भाजपा प्रदेश सरकार पर हमलावर हो गई है और किसानों की मदद की मांग कर रही है। भाजपा द्वारा प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताकर व यूरिया को लेकर प्रदेश भर में सभी विकास खंडों व सोसायटीओं पर ” खेत धरना ” का आयोजन किया जा रहा है। जिस पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने पलटवार किया है। उनका कहना है कि आज प्रदेश की 11 माह की कांग्रेस सरकार के खिलाफ वह लोग “खेत धरना “आयोजित कर रहे हैं। जिन्होंने अपनी 15 वर्ष की सरकार में खेती को घाटे का धंधा बना कर खेतों को वीरान और बर्बाद कर दिया था। खेतों की यदि यह लोग उस समय चिंता कर लेते तो शायद आज भाजपा को यह दिन देखना नहीं पड़ते।

सलूजा ने तंज सकते हुए कहा कि भाजपा आज आरोप लगा रही हैं कि यूरिया को लेकर सरकार द्वारा किसानों पर दमन किया जा रहा है, जबकि सच्चाई प्रदेश के किसान भली-भांति जानते हैं। भाजपा सरकार में किस प्रकार अपना हक मांग रहे किसानों के सीने पर गोलियां दागी गयी, उनके कपड़े उतार कर उन्हें जेलों में बंद किया गया, हजारों झूठे मुकदमे किसानो पर लाद दिए गए, उन्हें जेलों में ठूंस दिया गया, किस प्रकार यूरिया मांगने पर उनके ऊपर जमकर लाठियां बरसाई जाती थी। जिनके राज में 45 हज़ार से अधिक किसानों ने आत्महत्याए की, जिन के राज में खेती व किसानों के लिए बनने वाली हर योजनाओ में जमकर भ्रष्टाचार होता था, उनकी योजनाओं के पैसे डकार लिए जाते थे, वह आज किसान हितैषी बनकर धरना दे रहे हैं, उन्हें शर्म आना चाहिए। सलूजा ने कहा कि भाजपा को धरना जरूर देना चाहिए लेकिन अपनी केंद्र सरकार के खिलाफ, जिसने रबी के सीजन को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा मांगे 18 लाख मिट्रीक टन यूरिया के कोटे में 2 लाख 60 हज़ार मिट्रीक टन की कमी कर दी। उसको लेकर भाजपा को अपनी केन्द्र सरकार के ख़िलाफ़ जरूर धरना देना चाहिए।

सलूजा ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर यूरिया के नाम पर किसानों को झूठा भडक़ा रही है और प्रदेश में अराजकता फैलाने का काम कर रही है, ताकि यूरिया के नाम पर राजनीतिक फायदा लिया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को वाकई किसानों की इतनी फिक्र व चिंता है तो कांग्रेस सरकार के खिलाफ झूठे आंदोलन करने की बजाय, भाजपा नेताओं को और प्रदेश के सभी 28 भाजपा सांसदों को दिल्ली में जाकर अपनी केंद्र सरकार से यूरिया का कोटा बढ़ाने की गुहार करनी चाहिए।