भोपाल। सीएए और एनआरसी को लेकर केन्द्र शासित भाजपा सरकार को विपक्ष के तीखे प्रहारों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल सीएए का पुरजोर विरोध कर रहे है। इन सबके बीच अब भाजपा को अपने घर में ही बड़ा झटका लगा है। मध्यप्रदेश के मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने सीएए कानून का विरोध किया है। उनका कहना है कि धर्म के नाम पर देश का बंटवारा नही किया जाना चाहिए। देश में बेरोजगारी पर बात करने की जरूरत है। सीएए से देश का माहौल खराब हो रहा है।

मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा विधायक नारायण ने एक बार फिर पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ये मेरे दिल की आवाज है और मैं अपनी अंतर्रात्मा से सीएए का विरोध कर रहा हूं। सीएए से भाईचारा खत्म हो रहा है। देश में गृह क्लेश बढ़ रहा है। लोग एक-दूसरे को अब देखना नहीं चाह रहे हैं। पूरे देश में भाई चारा खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस देश में बेरोजगारी पर बात करने की जरूरत है, न कि धर्म के आधार पर नागरिकता की। या तो आप संविधान के साथ हैं या विरोध में हैं और यदि संविधान के हिसाब से नहीं चलना है तो फाड़ कर फेंक देना चाहिए। मैं गांव से आता हूं और गांव में आज भी आधार कार्ड नहीं बन रहे तो बाकी कागज कहां से लाएंगे। नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पार्टी की राय नहीं है, बल्कि ये मेरा व्यक्तिगत राय है और हम पार्टी फोरम पर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह वोट की राजनीति के लिए सही है, लेकिन देश के लिए सही नहीं है। नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम की बात होती है लेकिन धर्म के नाम पर बंटवारा किया जा रहा है ये गलत है। देश को अगर आगे ले जाना है तो इस कानून को लागू नहीं करना होगा। इससे देश को कोई फायदा नहीं होने वाला है। बताते चलें कि यह पहला मौका नहीं है जब मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी पार्टी के लिए मुसीबत बने है। इससे पहले भी कई बार वे विवादित बयान देकर पार्टी के लिए परेशानी खड़ी कर चुके है। विधानसभा में भी फ्लोर टेस्ट के दौरान नारायण त्रिपाठी ने क्रॉस वोटिंग की थी।