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भोपाल। प्रदेश और देश में सिंधी समाज को साधने के लिए भाजपा ने इंदौर से सिंधी कार्ड खेला है। पार्टी ने इंदौर सीट से लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के खास समर्थक शंकर लालवानी को प्रत्याशी बनाया है। इंदौर सीट से प्रत्याशी घोषित हो जाने के बाद अब प्रदेश की सभी 29 सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर तस्वीर साफ हो चुकी है।

इंदौर लोकसभा सीट से आठ बार की सांसद सुमित्रा महाजन द्वारा इस बार चुनाव न लडऩे की घोषणा की थी। उसके बाद ऐसा माना जा रहा था कि पार्टी भाजपा के राष्टीय उपाध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर सीट से मैदान में उतार सकती है। लेकिन विजयवर्गीय के नाम पर सुमित्रा महाजन सहमत नहीं थी। जिसके चलते कुछ समय से इंदौर सीट को होल्ड रखा गया था। उसके बाद विजयवर्गीय ने भी इस बार चुनाव न लडऩे की बात कही और जिसका कारण पश्चिम बंगाल में प्रभारी के रूप में व्यस्तता को बताया । हालांकि विजयवर्गी की इ’छा थी कि इस सीट पर पार्टी उनकी पसंद के उम्मीदवार को मैदान में उतारे। लेकिन इसके लिए भी ताई पूरी तरह से सहमत नहीं थी । जिसके चलते इंदौर सीट पर एक नाम फायनल नहीं हो पा रहा था। रविवार को पार्टी ने लोकसभा स्पीकर महाजन के खास समर्थक एवं सिधी समाज से शंकर लालवानी को इंदौर सीट से मैदान में उतारा है। पार्टी ने इस सीट से सिंधी समाज के व्यक्ति को मैदान में उतारकर एक तो सिंधी समाज को खुश करने की कोशिश की है,क्योंकि गांधीनगर-गुजरात से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवानी का टिकट कटने से सिंधी समाज नाराज था। इसलिए भाजपा ने इंदौर से सिंधी कार्ड खेला है। पार्टी की रणनीति है कि इससे प्रदेश और देश की अन्य सीटों पर भी प्रभाव पड़ेगा। इंदौर सीट से सिंधी समाज से शंकर लालवानी के अलावा अंजू माखीजा का नाम भी टिकट की दौड़ में शामिल था। लेकिन पार्टी ने सुमित्रा महाजन की पंसद पर शंकर लालवानी को मैदान में उतारा है। इस तरह देखा जाए तो अब भाजपा-कांग्रेस द्वारा सभी 29 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है। इंदौर सीट से भाजपा के शंकर लालवानी का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी पंकज सिंघवी से होगा।