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भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा जोरशोर से तैयारियों में जुट गई है। हर लोकसभा संसदीय क्षेत्र में पार्टी किसान सम्मेलन से लेकर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर रही है। हाल ही में लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी ने सांसदों के कामकाज जानने के लिए एक सर्वे करवाया था। इसमें बीजेपी नेताओं को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, प्रदेश में करीब एक दर्जन सांसदों की रिपोर्ट खराब आई है। 

पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने अबतक तीन सर्वे करवाए हैं। इनमें एक दर्जन सीटों पर पार्टी की स्थिति खराब बताई गई है। इन सीटों के सांसदों के हारने की प्रबल संभावना है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद अब पार्टी इन सांसदों के टिकट काटने के अलवा कुछ सांसदों की सीट बदलने पर भी विचार किया जा रहा है। इनकी जगह जीताऊ उम्मीदवार की तलाश की जा रही है। 

इन नेताओं के टिकट पर संकट

भोपाल-विदिशा पर पार्टी को नए प्रत्याशियों की तलाश है। प्रदेश की दो लोकसभा सीटों पर सर्वे में भाजपा को मजबूत बताया गया है। यह सीट भोपाल और विदिशा की हैं। विदिशा से सांसद और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं। भोपाल सांसद आलोक संजर के खिलाफ कोई माहौल नहीं है। सर्वे में यह सीट सुरक्षित बताई गई है। इस सीट पर आलोक शर्मा का नाम भी सामने आ रहा है। 

चंबल-ग्वालियर में कटेगा टिकट

विधानसभा चुनाव एवं सर्वे रिपोर्ट को आधार माने तो इस बार चबल ग्वालियर अंचल की तीन लोकसभा सीटें मुरैना, भिंड एवं ग्वालियर इस बार खतरे मे हैं। मुरैना से अनूप मिश्रा, भिंड के डॉ. भागीरथ प्रसाद का टिकट काटा जा सकता है। ग्वालियर सांसद और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर चूंकि पार्टी में ताकतवर हैं, इसिलए वे भोपाल या फिर किसी और सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। 

सागर-खजुराहो में होगा बदलाव

बुंदेलखंड अंचल की सागर एवं खजुराहो लोकसभा सीट में भाजपा की स्थित खराब नहीं है। सर्वे रिपोर्ट में यहां पार्टी की जीतने की संभावना व्यक्त की गई है। पर इन दोनों सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी बदल सकती है। इनमें से खजुराहो के सांसद नागेंद्र सिंह विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। सांगर सांसद लक्ष्मीनारायण यादव की उम्र टिकट कटने का कारण बन सकता है। इससीट से इस बार बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल का नाम भी सामने आ रहा है।