सांसद शशि थरूर के PA की सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ़्तारी पर BJP का तंज, “कांग्रेस नेता एक नंबरी, उनके पीए दो नंबरी”

आशीष अग्रवाल ने लिखा -पीए के पकड़े जाने पर मामले में भद्द पिटे उससे पहले शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लीला-पोती करने की कोशिश की। उन्होंने तंज किया, कांग्रेस नेता एक नंबरी हैं और उनके पीए दो नंबरी है, ये  'इंडी गठबंधन ''सोने के स्मगलरों '' का गठबंधन है।

Shashi Tharoor Ashish Agarwal

Congress MP Shashi Tharoor PA arrest BJP taunt : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और थिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर के पीए शिव कुमार प्रसाद की सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ़्तारी पर सियासत शुरू हो गई है, मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने गिरफ़्तारी पर तंज कसा हैं उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन को निशाने पर लिया है।

भाजपा नेता आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा – शशि थरूर के पीए शिव कुमार को दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने दुबई से आये व्यक्ति से 500 ग्राम सोने का हेंड ओवर लेते समय गिरफ्तार किया है, इस सोने की कीमत 55 लाख रुपये बताई जा रही है। पीए के पकड़े जाने पर मामले में भद्द पिटे उससे पहले शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लीला-पोती करने की कोशिश की। उन्होंने तंज किया, कांग्रेस नेता एक नंबरी हैं और उनके पीए दो नंबरी है, ये  ‘इंडी गठबंधन ”सोने के स्मगलरों ” का गठबंधन है।

आशीष अग्रवाल ने दिए कई उदाहरण, कसा तंज 

भाजपा मप्र मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने उदाहरण देते हुए बताया कि इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कार्यालय से एक महिला पीए को गोल्ड स्मग्लिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया। झारखंड कांग्रेस के मंत्री आलमगीर आलम के पीए के सहायक के पास से भी करोड़ों की धनराशि बरामद हुई थी। मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री  कमलनाथ के पीए के घर छापे में करोड़ो रुपये जब्त किए गए थे, छत्तीसगढ़ में अमरजीत भगत के निजी सहायक राजेश वर्मा के घर से लाखों रुपए नगद, जेवरात और कई जमीनों के दस्तावेज जब्त किए गए थे।

75 साल गरीबों का धन लूटा, अब ये मोदी काल है 

अपनी पोस्ट के अंत में आशीष अग्रवाल ने लिखा-  कांग्रेस के नेता और उनके पीए को कुकर्मों से समझ आ रहा है कि 75 साल गरीबों का धन लूटा,  लेकिन अब ये ‘मोदी काल’ है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं- ना खाऊँगा, न खाने दूँगा जिसने खाया वो निकालूँगा, जिसका खाया है उसको खिलाऊँगा।


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....