घोषणा पत्र को लेकर BJP की बड़ी बैठक, शिवराज दिल्ली रवाना, किसानों पर रहेगा विशेष फोकस

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भोपाल/नई दिल्ली।

लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही राजनैतिक पार्टियों के दिल की धड़कन तेज हो चली है। उम्मीदवारों के चयन, घोषणा पत्र, रणनीति, जीत का मूलमंत्र आदि को लेकर पार्टियों में मंथन शुरु हो गया है। एक तरफ जहां दिल्ली में उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस की बड़ी बैठक बुलाई गई है,जिसमें शामिल होने मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत कई दिग्गज नेता पहुंचे है,  वही दूसरी तरफ बीजेपी में भी घोषणा पत्र को लेकर आज चर्चा होना है, जिसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान दिल्ली रवाना हो गए है, वे मध्यप्रदेश के खास मुद्दों से पार्टी को अवगत कराएंगें।

यह बैठक पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में सभी नेता अपनी किसानों के लिए तैयार किए जाने वाले घोषणा पत्र में अपने सुझाव देंगें।  खबर है कि विधानसभा में मिली करारी हार के बाद बीजेपी ने अपना पूरा फोकस किसानों पर कर दिया है। अब तक मोदी सरकार और बीजेपी द्वारा किसानों के हित में कई फैसले लिए जा चुके है और अब घोषणा पत्र में भी किसानों से जुड़े अन्य  मुद्दों को शामिल किया जाना है। बीजेपी का विशेष फोकस एमपी पर है, चुंकी यहां बीजेपी के पास 26  सीटे है और वर्तमान में कई सीटों पर समीकरण बदलते हुए नजर आ रहे है। प्रदेश में कांग्रेस की लहर चल रही है जो विधानसभा की तरफ लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी का खेल बिगाड़ सकती है।

विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणा पत्र का खासा असर जनता देखने को मिला था। बेरोजगारी हो या फिर कर्जमाफी या फिर अन्य मुद्दे ने वोटरों को सीधा अपनी ओर खींचा था।बीजेपी की अपेक्षा कांग्रेस के घोषणा पत्र में हर वर्ग को साधते हुए छोटे से छोटे और बड़े से बड़े मुद्दे शामिल किए गए थे, जिसको लेकर बीजेपी कही ना कही पिछड़ गई थी, लेकिन चुनाव को लेकर पार्टी कोई रिस्क नही लेना चाहती है, इसलिए यह बैठक बुलाई गई है। 

इस बैठक में अहम जिम्मेदारी पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज को दी गई है, क्योंकि बीते 15  सालों में शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश पर राज किया, प्रदेश को कृषि कर्मठ अवार्ड दिलाया, ऐसे में शिवराज और किसानों के बीच अच्छी खासी बॉन्डिग रही, इसी का फायदा उठाकर पार्टी एक बार फिर प्रदेश में अपनी पांव जमाने की कोशिश में जुटी हुई है।  अब देखना है कि शिवराज बैठक में क्या अहम मुद्दे मध्यप्रदेश की तरफ से रखते है और समिति इस मुद्दों को किस हद तक शामिल करती है। वही आने वाले चुनाव में जनता पर इसका कितना असर पड़ता है।