MP: बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, 40 जिलों में केन्द्रों पर लगी मुहर

भोपाल। मार्च में दसवीं एवं बारहवीं की संभावित परीक्षाओं को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने तैयारियों में गति लाना शुरू कर दी है। 80 फीसदी परीक्षा केन्दों का गठन कर लिया गया है। शेष पर काम चल रहा है। बोर्ड में अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाएं प्रारंभ कराने से पहले हर केन्द्र पर कमियों को खंगाला जाएगा।माध्यमिक शिक्षा मंडल में अधिकारियों की मानें तो 40 जिलों में कलेक्टरों की रिपोर्ट पर केन्द्र तय तो कर लिए गए हैं, लेकिन मुख्यालय स्तर से यहां पर हर व्यवस्थाओं को देखा जाएगा। बोर्ड के अनुसार यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों से खासकर निजी स्कूलों में परीक्षा कराने को लेकर बड़ी विवाद की स्थिति सामने आई है। हालात यह बनते रहे हैं कि केन्द्र तो निर्धारित कर दिए गये, लेकिन वहां बाद में विद्यार्थियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ता है। निरीक्षणों की रिपोर्ट ने यह सच्चाई उगली है। परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को कोई परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसलिए निजी स्कूलों में बनने वाले परीक्षा केन्द्रों का अभी से विस्तृत ब्यौरा लिया जा रहा है। हर परीक्षार्थी के लिए फर्नीचर, बालक बालिका मान से बेहतर शौचालय, हवा-पानी सहित अन्य इंतजाम केन्द्रों पर बोर्ड की प्राथमिकताओं में हैं।

टेंट लगाये गये तो होगी कार्यवाही:-माध्यमिक शिक्षा मंडल ने साफ किया है कि बोर्ड परीक्षा में एक भी केन्द्र पर टेंट लगाकर परीक्षा नहीं कराई जाएगी। पिछले कुछ सालों का अध्ययन किया गया है कि ग्वालियर, भिंड, मुरैना, इंदौर और उज्जैन जैसे जिलों से इस प्रकार की शिकायतें आई थी कि विद्यार्थियों के लिए बैठने हेतु बेहतर कक्ष व्यवस्था नहीं है। जगह का अभाव होने के कारण टेंटों में उनकी परीक्षाएं कराई जा रही हैं। वर्ष 2011 में ही भोपाल के करौद एवं विदिशा रोड क्षेत्र के कुछ निजी स्कूलों में एेसी ही तस्वीर सामने आई थी। कई जगहों पर तो फर्नीचर का भी अभाव पाया गया था। इसलिए मंडल ने साफ किया है कि इस बार कराई जाने वाली परीक्षाओं में व्यवस्थाओं का ठोस आंकलन पहले से ही किया जाएगा।

जिन जिलों में बने केन्द्र, वहां निरंतर संपर्क:-

मंडल पर अभी तक जिन जिलों में केन्द्र बनाये हैं, वहां पर कलेक्टरों से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। जितनी निजी शिक्षण संस्थाओं को केन्द्र बनाने की अनुशंसा हुई है, उनके बारे में जिला शिक्षा अधिकारियों से बार-बार बातचीत का दौर चल रहा कि वहां पर पर्याप्त बुनियादी व्यवस्थाएं हैं कि नहीं। यदि बाद में कोई असुविधा संबंधी शिकायत आई तो फिर केन्द्र को जहां निरस्त किया जाएगा वहीं सक्षम अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जाएगी। मंडल के अनुसार जिन शेष जिलों में अभी केन्द्र निर्धारित होना है। वहां जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पूरी पारदर्शिता के साथ यह काम हो। राजनैतिक दबाव में ऐसा कोई केन्द्र बनाने की अनुशंसा न की जाए, जहां कमियां हों और बाद में विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़े।

रिपोर्टों का बिंदुवार हो रहा परीक्षण:-सुचारीमाध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव अनिल सुचारी का कहना है कि परीक्षाओं की युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। प्रश्र पत्र निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। 80 फीसदी परीक्षा केन्द्रों का कार्य पूर्ण हो गया है। अन्य परीक्षा संबंधी जो भी परंपरागत तैयारियां होती हैं। उन पर नियम के अनुसार कार्य चल रहा है। श्री सुचारी का कहना है कि जिलों से जो भी रिपोर्ट आ रही है, हम उनका बिंदुवार परीक्षण कर रहे हैं। कोशिश यही है कि परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here