दिल्ली के बीआरटी को तोड़ने वाली टीम ही तोड़ेगी BRTS कॉरिडोर!

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भोपाल| प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ने की चर्चाएं हैं| बैरागढ़ के व्यापारी भी नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह के समक्ष कॉरिडोर तोड़ने की मांग कर चुके हैं| लंबे समय के बाद 25 जून को सेंट्रल रोड़ रिसर्च टीम भोपाल आ रही है जो बीआरटीएस को लेकर निरीक्षण करेगी और तय करेगी उसे तोड़ना है या उसे ठीक करना है| 

दरअसल बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) निर्माण के समय डेडिकेटेड लेन में चलने वाले बसों में सवार होने और उतरने बस स्टॉप की बात चली तो दावा किया गया था कि ये वल्र्ड क्लास रहेंगे| भले ही कॉरिडोर टूट जाए स्टॉप अगले पंद्रह साल तक सुविधा देंगे| 2013 से अब तक महज पांच साल का समय बीता है| 82 स्टॉप में से 60 में टूट फूट साफ नजर आने लगी है जबकि इनके निर्माण की मजबूती के नाम पर लागत तीन गुना तक बढ़ा दी गई थी| शुरुआत में 82 स्टॉप के लिए आठ करोड़ रुपए तय थे बाद में ये राशि 20 करोड़ रुपए के करीब पहुंच गए| 

-बीआरटीएस रूट 60 किलोमीटर का बनना था, जिसे सिर्फ 23 किलोमीटर बनाकर छोड़ दिया। 

-भोपाल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम  बीआरटीएस रूट पहले से ही फ्लॉप है।

-बीआरटीएस में 125 से ज्यादा कट प्वाइंट के साथ ज्यादातर सिग्नल बंद हैं। 

-बैरागढ़ से मिसरोद तक 24 किमी के बीआरटीएस कॉरिडोर में 125 से ज्यादा कट प्वाइंट हैं। 

-इन कट प्वाइंट पर सड़क क्रास करने वाले वाहन अक्सर लो फ्लोर बस या अन्य वाहनों से टकरा जाते हैं।  

-कॉरिडोर में 85 सिग्नल लगे हैं। इनमें से ज्यादातर बंद पड़े हैं।


बीआरटीएस में 125 से ज्यादा कट प्वाइंट 

बैरागढ़ से मिसरोद तक 24 किमी के बीआरटीएस कॉरिडोर में 125 से ज्यादा कट प्वाइंट हैं…..इन कट प्वाइंट पर सड़क क्रास करने वाले वाहन अक्सर लो फ्लोर बस या अन्य वाहनों से टकरा जाते हैं….होशंगाबाद रोड पर होने वाले हादसों की बड़ी वजह यह कट प्वाइंट हैं… प्रगति पेट्रोल पंप के पास के कट प्वाइंट के कारण अक्सर जाम के हालात बनते हैं| बीआरटीएस होगा या नही यह 25 जून को तय होगा लेकिन यह साफ है कि अगर बीआरटीएस तोड़ा जाता है तो उसका विकल्प क्या होगा यह सोचना जरूरी है|