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भोपाल। मध्यप्रदेश मे 29 अप्रैल को पहले चरण के मतदान होना है। इसके लिए आज चुनावी प्रचार का आखिरी दिन है, शाम पांच बजे प्रचार पूरी तरह से थम गया। इसके बाद प्रत्‍याशी डोर टू डोर कैंपेन कर सकेंगें। हैं। अंतिम दिन मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी| इस चुनाव में कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी है, वही कई बागी खेल बिगाड़ने के लिए मैदान में उतरे है। जहां कांग्रेस को बीजेपी के अभेद किले भेदने की चुनौती है वही बीजेपी को गढ़ बचाना है। 

देश में चौथे चरण के चुनाव में मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे । इसमें सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल है। 48 घंटो तक इन लोकसभा क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। शराब की बिक्री बंद रहेगी। लाउडस्‍पीकर पर पाबंदी रहेगी। 29 अप्रैल को सुबह 7 बजे से यहां पर मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे। आज अंतिम दिन मुख्मयमंत्री कमलनाथ और लोकसभा प्रत्याशी नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा जिले में पांच जनसभाओं को सम्बोधित किया। छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की भी सभा थी| मंडला में फग्गन सिंह कुलस्ते, बालाघट में ढाल सिंह बिसेन के लिए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने वोट की अपील की।

सीधी संसदीय क्षेत्र पर कांग्रेस के अजय सिंह का मुकाबला भाजपा की वर्तमान सांसद रीति पाठक से, शहडोल में कांग्रेस की प्रमिला सिंह का भाजपा की हिमाद्री सिंह से और जबलपुर में कांग्रेस के विवेक तन्खा का भाजपा के राकेश सिंह से हो रहा है। इसी क्रम में बालाघाट में कांग्रेस के मधु भगत भाजपा के ढाल सिंह बिसेन के, मंडला में कांग्रेस के कमल मरावी भाजपा के फग्गन सिंह कुलस्ते के और छिंदवाड़ा में कांग्रेस के नकुलनाथ भाजपा के नत्थन शाह के सामने चुनावी मैदान में हैं। छिंदवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने भाजपा के विवेक साहू चुनावी रण में उतरे हैं।

इन छह सीटों पर मुकाबला होगा तगड़ा

छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर मुख्यमंत्री कमलनाथ की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए उनके बेटे नकुल नाथ कांग्रेस से मैदान में उतरे हैं। वहीं नकुलनाथ को घेरने के लिए बीजेपी से जुन्नारदेव के पूर्व विधायक व आदिवासी नेता नत्थन शाह चुनावी मैदान में उतारा है। कमलनाथ यहां से नौ बार सांसद रहे है।  इसके अलावा इस सीट पर बसपा से ज्ञानेश्वर गजभिए सहित 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।वही यहां विधानसभा उपचुनाव भी होना है। जिसमें कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ है । विधानसभा का सदस्य बनने के लिए उन्हें यह चुनाव लड़ना है। उनका मुकाबला भाजपा के विवेक साहू से होना है। यह पहला मौका होगा जब पिता-पुत्र एक ही स्थान से दो अलग अलग चुनाव लड़ रहे हो। 

सीधी

बीजेपी का किला भेदने के लिए यहां से मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह के बेटे अजय  सिंह कांग्रेस से मैदान में हैं। जिनका मुकाबला भाजपा की मौजूदा सांसद रिति पाठक से है।अजय सिंह के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है उनकी साख दांव पर लगी है। विधानसभा में हार के बाद यह जीत उनके आगे की राजनीति का मार्ग प्रशस्त करेगी।  यहां बसपा से रामलाल पनिक समेत 26 उम्मीदवार मैदान में है। 

जबलपुर

जबलपुर लोकसभा सीट भाजपा का सबसे बजबूत गढ़ माना जाता है। यहां से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह चुनावी मैदान में हैं, उनका मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा से है। मुकाबला रोचक होने के आसार है। कांग्रेस यह सीट छिनने के लिए जोर लगाएगी तो भाजपा के लिए इसे बचाना चुनौती होगा। इस सीट पर बसपा के रामराज राम समेत 22 प्रत्याशी सियासी रणभूमि में हैं। 

शहडोल

बगावती रुख बना मुसीबत शहडोल लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर बीजेपी से हिमाद्री सिंह, कांग्रेस से पर्मिला सिंह और बसपा से मोहदल सिंह पाव सहित 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। 2014 में बीजेपी के दलपत सिंह परस्ते ने कांग्रेस के राजेश सिंह को मात देकर विजयी हुए थे। लेकिन दलपत सिंह को ब्रेन हेमरेज के कारण निधन हो गया था, जिसके चलते 2016 में शहडोल सीट पर उपचुनाव हुआ थे। बीजेपी के ज्ञान सिंह ने कांग्रेस के हिमाद्री सिंह को हराकर सांसद चुने गए थे। लेकिन बीजेपी ने इस बार ज्ञान सिंह का टिकट काटकर कांग्रेस से आईं हिमाद्री को प्रत्याशी बनाया है। इसके चलते ज्ञान सिंह बगावती रुख अख्तियार किए हुए हैं।उन्होंने प्रचार करने से मना कर दिया है।अपनों की नाराजगी यहां बीजेपी को भारी पड़ने वाली है।

मंडला

फग्गन सिंह कुलस्ते के सामने कड़ी चुनौती मंडला लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारा है। जिनका मुकाबाल कांग्रेस के कमल सिंह मरावी से है। 

बालाघाट 

बालाघाट लोकसभा सीट पर कांग्रेस से मधु भगत, बीजेपी से डॉ. ढाल सिंह बिसेन और बसपा से कंकर मुंजारे सहित 23 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। ये बीजे��ी का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले पांच लोकसभा चुनाव से कांग्रेस जीत का स्वाद नहीं चख सकी है। हालांकि इस बार बीजेपी के मौजूदा सांसद बोधसिंह भगत टिकट कटने से नाराज हैं, जिसमें कांग्रेस अपनी जीत की उम्मीद लगाए हुए हैं।वही बोध सिंह इस बार निर्दलीय मैदान में है। मुकाबला यहां त्रिकोणीय होने के आसार है।

मोदी और राहुल पहले ही कर चुके है बड़ी सभाएं 

चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में 26 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधी और जबलपुर में चुनावी सभा की। इससे पहले 23 अप्रैल को राहुल गांधी ने जबलपुर के सीहोरा और शहडोल में सभाएं गी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 23 को ही खजुराहो में सभा कर चुके हैं। कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में यहां लगातार प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को जबलपुर में कांग्रेस प्रत्याशी विवेक तन्खा के समर्थन में सभा की।

अब तक 303 सीटों पर हुई वोटिंग 

लोकसभा चुनाव के पहले तीन चरण में 303 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। अब शेष चार चरणों में 240 सीटों पर मतदान होना है। चौथे चरण में 29 अप्रैल को 9 राज्यों की 71 सीटों पर वोटिंग होगी। ये राज्य हैं- बिहार (5), जम्मू और कश्मीर (1), झारखंड (3), मध्य प्रदेश (6), महाराष्ट्र (17), ओडिशा (6), राजस्थान (13), उत्तर प्रदेश (13) और पश्चिम बंगाल (8) हैं ।