एमटेक छात्रा की मौत का मामला, परिजन के पुलिस पर गंभीर आरोप

भोपाल। मैनिट मौलाना अब्दुल कलाम आजाद विश्वविद्यालय की छात्रा लक्षिका मेहरा की मौत के मामले में परिजनों ने रातीबड़ पुलिस पर गंभी आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि लक्षिका ने सुसाइड नहीं किया है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस जांच की दिशा बदल कर आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। घटना से पूर्व लक्षिका की बात उसके दोस्त सुनील तिवारी से हुई थी। सुनील तिवारी के कहने पर ही वह कॉलेज का बहाना कर एक्टिवा से रातीबड़ से चार किलोमीटर दूर सीहोर रोड सेमरी जोड़ तक पहुंच गई। लक्षिका के पिता रामराज मेहरा ने बताया कि उनकी बेटी पर ऐसिड अटैक हुआ है। तीन साल से वह सुनिल तिवारी की दोस्त थी। सुनिल तिवारी उससे मिलना चाहता था। यह बात उसने अपनी सहेली को भी बताई थी। सहेली ने लक्षिका की वाइस रिकार्डिंग भी उन्हें सौंपी है। सुनिल तिवारी लक्षिका को प्रताडि़त कर रहा था और उसकी गर्लफ्रेंड (महिला मित्र) भी उसका साथ दे रही थी। उसने एक महीने पहले ही लक्षिका को मोबाइल पर धमकी देकर कहा था कि सुनील तिवारी से संपर्क खत्म कर दे।

पिता के आरोप हैं कि घटना से पूर्व रात में सुनील तिवारी ने लक्षिका को कॉल किया था। कॉल पर उसने लक्षिका से मिलने की बात कही थी और लक्षिका को रातीबड़ बुलाया था। घटना के बाद लक्षिका सुनील तिवारी को सुबह दस बजे से साढ़े दस बजे तक लगातार चालीस से ज्यादा कॉल कर चुकी थी, लेकिन सुनील ने उसका कॉल रिसीव नहीं किया था। बाद में जब राहगीर मीणा ने सुनील तिवारी को कॉल किया तो उसने कहा था कि मैं भोपाल से बाहर हूं आप उसे ऑटो से घर भेज दो, लेकिन सुनील तिवारी की टावर लोकेशन भोपाल में ही मिली थी।