पूर्व आईएएस राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज, लोकायुक्त संगठन ने जांच शुरु की

शिकायतकर्ता ने यह भी शिकायत की है कि राज्य सरकार ने 22 अगस्त 2016 को जुलानिया को जल संसाधन विभाग से हटाया और आईएएस पंकज अग्रवाल को जल संसाधन की कमान सौंपी थी।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मप्र लोकायुक्त संगठन ने प्रदेश के रिटायर वरिष्ठ आईएएस राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। जुलानिया पर जल संसाधन विभाग के सब ठेकेदार फर्म अर्नी इन्फ्रा से 99.50 लाख रुपए अपने बैंक खाते में लेने के आरोप हैं। शिकायतकर्ता ने दस्तावेजों के साथ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराते हुए राधेश्याम जुलानिया, उनकी पत्नी अनिता जुलानिया और उनकी बेटी लवण्या जुलानिया को भी आरोपी बनाने की मांग की है।

क्या था मामला

भोपाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता नेमीचन्द जैन ने इसी वर्ष 2 अगस्त को लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि जुलानिया रिटायरमेंट के बाद भोपाल के जिस बंगले में रहते हैं उसका भूखण्ड उन्होंने स्वयं और पत्नी अनिता जुलानिया के नाम खरीदा है। इस भूखंड को खरीदने की रकम अर्नी इन्फा के खाते से अलग अलग बैंक खातों में घुमाकर जुलानिया के एकाउंट में भेजी गई थी। शिकायतकर्ता ने सारे प्रमाण संलग्न करते हुए शिकायत में लिखा है कि जनवरी 2021 में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने अर्नी इंफ्रा के मालिक आदित्य त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। ईडी ने प्रेसनोट जारी कर कहा था कि अर्नी इंफ्रा मुखौटा फर्म है जो जल संसाधन विभाग के सबसे बड़े ठेकेदार राजू मेंटाना की ओर से मप्र के वरिष्ठ अफसरों को रिश्वत बांटने का काम करती है। अर्नी इंफ्रा को मेंटाना की ओर से 93 करोड़ काम सबलेट के नाम से मिले थे। जुलानिया लंबे समय तक जल संसाधन विभाग के मुखिया रहे हैं और उनके कार्यकाल में मेंटाना को सैकड़ों करोड़ के काम दिए गये थे।

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शिकायतकर्ता ने आरोपों के प्रमाण संलग्न करते हुए लिखा है कि जिस समय जुलानिया जल संसाधन विभाग में थे और मेंटाना वहां ठेकेदार फर्म थी, उसी समय जुलानिया की बेटी लवण्या जुलानिया हैदराबाद में मेंटाना की ही एक कंपनी में जाॅब कर रही थी। इसकी सूचना जुलानिया ने राज्य सरकार को नहीं दी।

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शिकायतकर्ता ने यह भी शिकायत की है कि राज्य सरकार ने 22 अगस्त 2016 को जुलानिया को जल संसाधन विभाग से हटाया और आईएएस पंकज अग्रवाल को जल संसाधन की कमान सौंपी थी। पंकज अग्रवाल के कार्यकाल में मेंटाना कंपनी को ब्लेक लिस्टेड कर दिया गया था। मेंटाना के ब्लेक लिस्टेड होते ही अचानक सरकार ने पंकज अग्रवाल को हटाकर जुलानिया को फिर से जल संसाधन में पदस्थ किया। जुलानिया के जल संसाधन में आते ही मेंटाना को ब्लेक लिस्ट से हटाकर फिर से काम सौंप दिए गये। यानि जुलानिया मेंटाना को मदद करते रहे और उससे प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष लाभ लेते रहे।

शिकायत कर्ता ने राधेश्याम जुलानिया द्वारा अपने बेटे अभिमन्यु जुलानिया को एक करोड़ रूपए विदेश भेजने की जांच की भी मांग की है। इस संबंध में तत्कालीन आईएएस रमेश थेटे ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

लोकायुक्त ने जांच शुरु की

लोकायुक्त संगठन के विधि अधिकारी अवधेश कुमार गुप्ता ने शिकायत कर्ता को लिखित सूचना दी है कि उनकी शिकायत के आधार पर लोकायुक्त संगठन ने रिटायर आईएएस राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ प्रकरण क्रमांक 0094/ई/22 दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।