केंद्र सरकार का MP को तोहफा, 64.96 करोड़ की पहली किश्त स्वीकृत, मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार का MP को तोहफा, 64.96 करोड़ की पहली किश्त स्वीकृत, मिलेगा लाभ

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। केंद्र सरकार (Central Covernment) ने मध्य प्रदेश (MP Government) को ताहफा दिया है जिसके  प्रदेश में अब पशुओं का बेहतर इलाज हो सकेगा, खास बात ये है कि अब पशु मालिक को गंभीर स्थिति में अपने बीमार पशु को लेकर अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा बल्कि पशु अस्पताल खुद चलकर उसके पास आएगा। यानि अब मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार की मदद से चलित पशु चिकित्सा इकाई (mobile veterinary unit) संचालित होंगी, इनकी संख्या 406 होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को पहली किश्त के रूप में 64.96 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है।

मध्य प्रदेश में अब 108 एम्बुलेंस की तरह ही बीमार पशुओं के इलाज के लिए चलित पशु चिकित्सा इकाई चलेगी, एक कॉल पर ये बीमार पशु के पास होगी।  मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में 4 करोड़ 6 लाख पशुधन के मान से 406 चलित पशु चिकित्सा इकाई स्वीकृत की गई हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय पशु चिकित्सालयों एवं औषधालयों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण एवं योजना में वर्ष 2021-22 में भारत सरकार द्वारा चलित पशु चिकित्सा इकाई का नवीन घटक शामिल किया गया है। योजना में प्रति एक लाख पशुधन पर एक चलित पशु चिकित्सा इकाई संचालित की जाएगी।

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मंत्री श्री पटेल ने बताया कि चलित पशु चिकित्सा इकाई का वाहन पूर्णत: आधुनिक उपकरणों और स्टाफ से सुसज्जित रहेगा। वाहन में एक पशु चिकित्सक, एक पैरावेट और एक वाहन चालक सह-सहायक रहेगा। इसके अलावा वाहन में पशु चिकित्सा, लघु शल्य चिकित्सा, कृत्रिम गर्भाधान, रोग अन्वेषण से संबंधित आवश्यक उपकरण स्थापित रहेंगे। प्रचार-प्रसार के लिये प्रोजेक्टर, स्पीकर आदि भी लगाया जाएगा।

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वाहन में उपलब्घ आवश्यक मानव संसाधन, औषधि, वाहन के लिये पीओएल एवं रख-रखाव आदि के लिये प्रति वर्ष 18 लाख 72 हजार रूपये प्रति चलित पशु चिकित्सा इकाई का प्रावधान किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत केन्द्रांश एवं 40 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। वाहन, वाहन की साज-सज्जा, पशु चिकित्सा के लिये आवश्यक उपकरण, प्रचार-प्रसार उपकरण और फेब्रीकेशन के लिये भी 16 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि 100 प्रतिशत केन्द्रांश आधारित है।

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चलित पशु चिकित्सा इकाई के लिये कॉल सेंटर की भी स्थापना की जायेगी। कॉल सेंटर में कॉल ऑपरेटर एवं पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जायेगी। सेंटर के लिये भी 60 प्रतिशत केन्द्रांश एवं 40 प्रतिशत राज्यांश राशि का प्रावधान किया गया है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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