प्रमोशन-ट्रासंफर के नाम पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ठगी, विभाग के अधिकारी बन देते थे झांसा

आंगनवाड़ी-कार्यकर्ता

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल की पुलिस (Bhopal Police) ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (Anganwadi workers) के साथ प्रमोशन और ट्रासंफर के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो महिला बाल विकास विभाग(Women and Child Development Department)  के अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देते थे। आरोपियों से 3 लाख नगद सहित लैपटॉप बरामद किया गया है।ये आरोपी मध्य प्रदेश से पहले छत्तीसगढ़ में भी 1 करोड़ की ठगी कर चुके है। यह कार्रवाई भोपाल की हबीबगंज पुलिस ने की है।

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दरअसल, आरोपी महेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा अपने आप को महेन्द्र द्विवेदी संयुक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग का बताकर प्रदेश के अलग- अलग जगहो की विभिन्न आंगनबाडी कार्यकर्ताओ से उनके मोबाईल फोन (Mobile Phone) पर संपर्क कर व उनको सुपरवाईजर के पद पर पदोन्नति के नाम पर तैयार किए गए फार्म भेजता था तथा पदोन्नति व ट्रांसफर कराने के नाम पर धोखाधडी से अपने खाते मे पैसे न डलवाकर अन्य दूसरे किसी व्यक्ति के खाते मे पैसे डलवाकर व अन्य लोगो की आईडी कार्ड पर सिम उठाकर अपराध मे उन नम्बरो का उपयोग कर लाभ प्राप्त करता था ।

किसी को शक ना हो इसके लिए आरोपी महेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा 15-20 दिन मे अपनी सिम और मोबाइल फोन तथा अपनी लोकेशन बदलता रहता था ।  पूर्व मे भी आरोपी महेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा बालौदा बाजार छत्तीसगढ मे अशोक पाण्डे नाम का व्यक्ति बनकर महिला एव बाल विकास की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से करीबन 1 करोड रूपए के ठगी की जा चुकी है। छत्तीसगढ मे इसके विरूध्द अपराध पजीबध्द है । जिनमे आरोपी महेन्द्र कुमार तिवारी छद्म नाम अशोक पाण्डे फरार था । जिसकी सूचना छत्तीसगढ पुलिस को दे दी गयी है ।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 जून को आवेदक महेन्द्र सिह द्विवेदी विशेष सहायक यंत्री व पूर्व संयुक्त निदेशक महिला एंव बाल विकास द्वारा एक शिकायती आवेदन पत्र प्राप्त हुआ था ।जिसमें कहा गया था कि महेन्द्र सिह द्विवेदी संयुक्त निदेशक महिला एव बाल विकास विभाग के नाम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा अनूपपुर जिले के कुछ आंगन बाडी कार्यकर्ताओ एंव मंत्री  के अन्य क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संयुक्त निदेशक महिला एव बाल विकास कल्याण विभाग का बनकर प्रमोशन व ट्रांसफर के नाम पर अवैध रूप से लाखों रूपए का लाभ प्राप्त किया गया है । जिस पर अज्ञात आरोपी के विरुध्द अपराध 421/21 धारा 419,420 भादवि का दण्डनीय अपराध पाया जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया था।

प्रकरण की विवेचना के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन मे गठित पुलिस टीम द्वारा विशेष तकनीकी सहयोग से अज्ञात आऱोपी जिसका नाम महेन्द्र कुमार तिवारी ग्राम बघेडी चाकघाट जिला रीवा को हिकमतअली से पकडाए जिससे घटना मे प्रयोग किए सिम के संबंध मे पूछताछ की गयी, जिसने बताया कि उक्त सिम मुझे अंकित मिश्रा ने दी एवं धोखाधडी कर प्राप्त किए गए रुपयो को मैने अंकित मिश्रा के अकाउंट मे डलवाए । जिसकी अपराध मे संलिप्तता पाए जाने से अंकित मिश्रा को नारी बारी चौक जिला इलाहाबाद उत्तरप्रेदश से पकडा । प्रकरण की विवेचना जारी है ।

गिरफ्तार आरोपियों को नाम और जब्त सामान

  • महेन्द्र कुमार तिवारी पिता शेषमणि तिवारी उम्र 31 साल निवासी ग्राम कमरान टोला उडतान कोतमा अनूपपुर हाल. कुजबिहारी का मकान ग्राम बघेडी चाकघाट रीवा मध्य प्रदेश।
  • अंकित मिश्रा पिता सुधाकर मिश्रा उम्र 21 साल निवासी झझरा चौबे पोस्ट नारीवारी थाना शकरगंढ जिला इलाहाबाद उत्तरप्रेदश।
  • आगनबाडी कार्यकर्ताओ से पदोन्नति व ट्रांसफर के नाम पर ठगी कर छलपूर्वक प्राप्त किए गए 3,00,000 रूपए की नगदी ।
  • आरोपी महेन्द्र कुमार तिवारी के कब्जे से एक लैपटाप ए 03 मोबाइल फोन व 04 सिम जिनका उपयोग अपराध मे करता था।
  • आरोपी के कब्जे से फर्जी आधारकार्ड व सुपरवाईजर के पद पर पदोन्नति के लिए जारी किए गयी फर्जी आवेदन फार्म ।

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