आखिर मुख्यमंत्री ने क्यों कहा- “कमलनाथ जी अपने पद की गरिमा का ध्यान तो रखिए”

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर (Sehore) में किसान (Farmer) की आत्महत्या (Suside) को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) के गृह जिले में किसान द्वारा की आत्महत्या को लेकर अब शिवराज और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ (Former Chief Minister Kamal Nath) आमने सामने आ गए है। प्रदेश में 27 सीटों पर उपचुनाव (By-election) होने है, ऐसे में दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहती है। ऐसे में मुख्यमंत्री के गृह जिले में किसान द्वारा की आत्महत्या पर राजनीति गरमाना स्वाभाविक हो जाता है।

कमलनाथ ने कहा- “फसल खराब होने से की आत्महत्या”
दरअसल, कमल नाथ ने किसान की आत्महत्या पर कमल नाथ ने ट्वीट कर लिखा है- “मुख्यमंत्री के गृह ज़िले सिहोर में एक किसान ने फ़सल ख़राब होने पर आत्महत्या कर ली। प्रदेश के बड़े हिस्से में पूर्व में ही सोयाबीन की फ़सल ख़राब हो चुकी है और अब अतिवर्षा व बाढ़ से भी क़रीब 15 लाख हेक्टेयर फ़सल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलो में ख़राब हुई है।”

पद की गरिमा बनाए रखें कमलनाथ : सीएम शिवराज
वहीं मुख्यमंत्री ने कमल नाथ को जवाब देते हुए नसीहत देते हुए ओछी राजनीति न करने को कहा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, “कमलनाथ जी, आप कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष है, पूर्व मुख्यमंत्री हैं, नेता प्रतिपक्ष है! आपको ऐसी ओछी राजनीति करने से बचना चाहिए। कम से कम अपने पद की गरिमा का ध्यान तो रखिये।” अपने अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “क्या ‘झूठ और भ्रम’ ही कांग्रेस की ‘राजनीति’ है? लंबे समय से बीमार बाबूलाल जी के कई ऑपरेशन हुए और उनका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं था। उनकी परिस्थिति में ना कोई कर्ज था ना फसल ख़राब हुई थी। उनकी मृत्यु पर आपकी यह संवेदनहीन राजनीति क्या आपको शोभा देती है?”

क्या है खुदखुशी की सच्चाई
सीहोर जिले के गुदभेला नेपाली में कल बुधवार को एक 60 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने जंगल में जा कर पेड़ पर फांसी लगा ली। किसान के भतीजे लक्ष्मीनारायण ने बताया कि मृतक लंबे समय से बीमार चल रहे थे बार बार अलग अलग बीमारियों की चपेट में आने के चलते वो मानसिक रूप से परेशान थे। लक्ष्मीनारायण ने बताया कि बुधवार सुबह मृतक बुजुर्ग घर से बिना बताए चले गए थे। लेकिन सोचा नहीं था कि ऐसा कदम उठाएंगे। लक्ष्मीनारायण ने बताया कि वे पिछले चार सालों से बीमार चल रहे थे और उनका चार बार ऑपरेशन भी हो चुका था। जिसके कारण वो मानसिक रूप से बहुत ज्यादा परेशान चल रहे था जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया।

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