गणतंत्र दिवस पर सीएम कमलनाथ ने की बड़ी घोषणा, प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए बनेगा नया कानून

भोपाल| देश भर के साथ मध्य प्रदेश मई भी गणतंत्र दिवस का पर्व धूम धाम के साथ मनाया जा रहा है| मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर में ध्वजारोहण किया और पारंपरिक परेड की सलामी ली। इस अवसर पर अपने संदेश में सीएम कमलनाथ ने बड़ी घोषणा की है| उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योग चलाना और लगाना आसान बनाने के लिये जल्दी ही मध्यप्रदेश एक नया कानून बनायेगा। इसमें सभी तरह की अनुमतियाँ अधिकतम सात दिनों में मिलेंगी। सात दिन में अनुमतियाँ न मिलने पर उसे अनुमति मान लिया जाएगा। इससे ऐसी आर्थिक गतिविधियाँ बढाने में मदद मिलेगी जिनमें रोजगार का सृजन होता है। नए उद्योगों में प्रदेश के युवाओं के लिए 70 प्रतिशत रोजगार को अनिवार्य किया गया है। रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए इसमें जो 27 अनुमतियाँ लगती थीं, उसे घटाकर पाँच कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से गण और तंत्र के रिश्तों को परिणामकारी बनाने का संकल्प लेने का आव्हान किया। उन्होने कहा कि गण और तंत्र दोनों अपने नजरिये को बदलें, अपनी सोच बदलें और परिवर्तनों को अपनायें। उन्होने संविधान के शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सदस्यों का स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति प्लान बनाने की प्रथा को खत्म कर दिया है। इससे इन क्षेत्रों के विकास में लगने वाली राशि के आंकलन का काम कठिन हो गया है। अब भारत सरकार से चर्चा कर इसे पुन: लागू कराने का प्रयास होगा। उन्होने कहा कि जीएसटी के कारण भारत सरकार से पिछले एक साल में राज्य को मिलने वाली राशि में कमी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के सपने को साकार करने के लिए ने विजन-टू-डिलीवरी रोडमैप 2020-25 बनाया गया है। वर्ष 2025 तक मध्यप्रदेश को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदेशों में एक बनाना सरकार का लक्ष्य है।
खेती को लाभकारी बनाने की चर्चा करते हुए सीएम कमल नाथ ने कहा कि एक साल में लगभग 20 लाख किसानों के ऋण माफ किए जा चुके हैं। इसमें रुपये 2 लाख तक के कालातीत फसल ऋण और रुपये 50 हजार तक के चालू फसल ऋण हमने माफ किए हैं। ऋण माफी का दूसरा चरण अब शुरू हो गया है जिसमें रुपये एक लाख तक के चालू फसल ऋण और रुपये 2 लाख तक के कालातीत फसल ऋण के बचे किसानों के ऋण माफी का काम किया जा रहा है।

भंडारण क्षमता की नई योजना ‘भविष्य’
प्रदेश में भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए एक नई योजना ‘भविष्य’ शुरू करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 30 लाख टन की अतिरिक्त क्षमता का निर्माण करने की योजना है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता को 60 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 हॉर्स पावर तक के स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के बिजली बिल आधे किए जा चुके हैं। हमने इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। सीएम कमल नाथ ने कहा कि आदिवासी परिवारों में जन्म पर 50 किलो अनाज और मृत्यु पर 100 किलो अनाज नि:शुल्क देने के लिए ‘मदद’ योजना लागू की गई है। आदिवासी समुदाय के देव-स्थानों के संरक्षण के लिये ‘आष्ठान’ योजना लागू की गयी है। इस वर्ष गोंडी कला वर्ष मनाया जा रहा है।

शिक्षा की गुणवत्ता बढाने शिक्षाविदों की परिषद
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेक्टर एक बहुत बड़ी चुनौती है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिये करीब 21 हजार शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। प्राथमिक शाला शिक्षकों की भर्ती का काम भी शुरू हो चुका है। गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए हम राज्य स्तर पर प्रसिद्ध शिक्षाविदों को लेकर एक परिषद का गठन किया जायेगा। इसके सुझावों पर समयबद्ध तरीके से काम होगा। उन्होने कहा कि पिछले दो सत्रों में सात नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा चुके हैं और छह अन्य कॉलेजों की स्वीरकृति की कार्यवाही जारी है।

जारी रहेगा ‘शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान निरंतर जारी है। अमानक दवाइयों, नकली खाद, बीज, कीटनाशक का उत्पादन और बिक्री करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होने कहा कि ईमानदार और काम करने वाली सरकार को अपने काम गिनाने की जरूरत नहीं होना चाहिए। सरकार के काम स्वयं बोलने चाहिये । उन्होने शासन, प्रशासन और लोगों की बेहतरी के कामों में भी जन सहयोग की अपेक्षा की।