पुलिस बल को मिलेगा साप्ताहिक अवकाश, सालों से जमे अफसर हटेंगे

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भोपाल। सीएम पद की शपथ लेने के बाद कमलनाथ लगातार बड़े फैसले कर रहे हैं| चुनाव से पहले अपने वचन पत्र में कांग्रेस ने जो वादे किये थे, अब कमलनाथ उन्हें पूरा करने में जुट गए हैं| पहले ही दिन कर्जमाफी की फाइल पर हस्ताक्षर करने के बाद अब सीएम ने पुलिस विभाग को तोहफा दिया है| सीएम ने आज पीएचक्यू में अधिकारियों से बैठक कर पुलिस बल के लिये साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज पुलिस मुख्यालय में आला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक के बाद कहा कि लंबे समय से विभाग में टिके अफसरोंं की प्रथा खत्म की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि अफसरों को उनकी क्षमता के आधार पर ही पोस्टिंग मिले। किसी की पंसद से पोस्टिंग अब नहीं दी जाएगी। 

मुख्यमंत्री नाथ ने पुलिस बल के लिये साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में तकनीकी संसाधनों को आधुनिक किया जाये। पुलिस बल के लिये आपात परिस्थितियों में अवकाश उपयोग नहीं करने पर क्षतिपूर्ति की व्यवस्था हो। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके लिये सड़क नियोजन और प्रतिरक्षात्मक उपायों पर समेकित रूप से कार्य किया जाये।

उन्होंने कहा कि बैठक में मैंने अधिकारियों से प्रजेंटेशन लिया है। अपने प्रदेश की छवि सबसे पहले पुलिस विभाग से बनती है। यही पुलिस अधिकारियों से मैंने चर्चा की है की अच्छी छवि कैसे बने? इसी के बारे में मैंने अफसरों से चर्चा की है। हर विभाग की मैंने जानकारी ली है और मैंने कहा है कि सबसे बड़ी चीज है कि प्रेणित पोस्ट होनी चाहिए। ऊपर से लेकर नीचे तक। यही हमारी प्रथामिकता है। कुछ पुलिस ऑफिसर्स 7 साल या 5 साल से एक ही जगह टिके हुए हैं। ये प्रथा मैं ख़त्म करना चाहता हूँ। क्षमता के आधार पर उनको पोस्ट मिले ये नहीं की ये मेरी पसंद का है वो मेरी पसंद का है।

वीकली आफ के लिए व्यवस्था

उन्होंने कहा कि मैं वीकली ऑफ के पक्ष में हूँ। इस बारे में मेरी चर्चा डीजीपी साबह से हुई है। वह वयवस्था बना रहे हैं। किस तरह से हम पुलिसकर्मियों को एक दिन का आवकाश दे सकेंगे इसके लिए काम होगा। 

पुलिस विभाग लेगा निर्णय

सीएम से पूछा गया कि क्या 21 हजार पुलिस रिजर्व बल को रेगुलर पुलिस फोर्स में उसको मर्ज करने का फैसला है। उन्होंने इसके जवाब में कहा कि यह फैसला पुलिस विभाग करेगा। इस तरह के फैसले राजनीतिक नहीं होना चाहिए मैं इसका विरोध करता हूं। यह फैसला स्वयं पुलिस विभाग करेगा। 

सरकार बनने से पहले पुलिस से किए थे यह वचन

पुलिस कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश दिया जाएगा। 

पुलिसबल की कमी को दूर करने के लिए 50,000 पुलिसकíमयों की भर्ती की जाएगी।

पुलिस जवानों को मिलने वाला आवास भत्ता बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा। 

इसके अलावा प्रतिदिन के ड्यूटी समय को कम करेंगे।

पुलिस को काम करने के लिए तनावमुक्त वातावरण देंगे।