जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए होंगे सभी प्रयास, बैठक में CM ने दिए निर्देश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वन क्षेत्रों में रह रहे जनजातीय भाई-बहन ऐतिहासिक रूप से पिछड़े हैं। वे विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं, साथ ही उन पर कानूनी बंधन भी बहुत अधिक हैं। वन क्षेत्रों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार और उन्हें आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री मंत्रालय में सामुदायिक वन प्रबंधन पर बैठक को संबोधित कर रहे थे।

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इस बैठक में वन प्रबंधन में जनजातीय भाई-बहनों की भूमिका, वनोपज से आर्थिक सशक्तिकरण, जैव विविधता को संधारित करने में जनजातीय समुदाय के ज्ञान और परम्पराओं के उपयोग, वन आश्रित समुदाय को दैनिक जरूरत की जलाऊ बाँस एवं बल्ली वैधानिक रूप से उपलब्ध कराने, सामुदायिक वन प्रबंधन समिति के गठन और उसमें अनुसूचित जनजाति तथा महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर चर्चा हुई। वन समितियों को विकास कार्य संपादित करने के अधिकार, वन क्षेत्रों के सूक्ष्म प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन, राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों में पर्यटन से प्राप्त होने वाली राशि में वन समितियों की भागीदारी, विलुप्त हो रही प्रजातियों के संरक्षण के संबंध में वन समितियों की अनुशंसा, सीएसआर के अंतर्गत गतिविधियाँ संचालित करने और क्षमता विकास के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं अथवा विशेषज्ञों की सेवाएँ लेने के संबंध में समितियों के अधिकार आदि पर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर तरह की योजनाएं बनाई जाएंगी। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव वित्त मनोज गोविल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सामुदायिक वन प्रबंधन समिति के गठन, उनके सशक्तिकरण, सामुदायिक वन प्रबंधन समिति को सौंपे जाने वाले अधिकारों आदि पर विचार-विमर्श हुआ।