भोपाल। कांग्रेस हाईकमान ने मध्य प्रदेश में संगठन और पार्टी नेताओं के बीच तालमेल बैठाने के लिए समन्वय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी ने गठन के बाद अब काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस के जीतने के बाद मंत्री और विधायकों द्वारा उनकी शिकायत नहीं सुनी जा रही थीं। कार्यकर्ता इस बारे में कई बार संगठन में यह मुद्दा उठा चुके थे। जिस पर अब अमल के लिए समन्वय कमेटी ने पहल करने जा रही है। अब मंत्रियों को कार्यकर्ताओं के काम करने के लिए एक गाइडलाइन जारी होने वाली है।

दरअसल, एआईसीसी ने प्रभारी मंत्रियों के लिए गाइडलाइन जारी होने वाली है। मंत्रियों को इस गाइडलाइन के हिसाब से ही अपने दौरों का कार्यक्रम तय करना होगा। कंग्रेस कार्यकर्ताओं की शिकायत रही है कि मंत्री प्रभार वाले जिले में जाते हैं, लेकिन वे मिल नहीं पाते। यही शिकायत विधायकों की भी रही है।

प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने इस मामले पर कहा कि, ‘सत्ता और संगठन में तालमेल के लिए ही समन्वय कमेटी गठित की है। सरकार के कामों को जनता तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता ही महत्वपूर्ण कड़ी हैं। हम कार्यकर्ताओं की पूरी सुनवाई करेंगे। प्रभारी मंत्रियों की जवाबदेही भी तय होगी।

गाइडलाइन की अहम बातें
– मंत्रियों को प्रभार वेल जिले का महीने में एक बार दौरा करना होगा।
– कार्यकर्ताओं के लिए अलग से समय निर्धारित करना होगा।
– जिले के अफसरों के साथ जनता दरबार लगाया जा सकता है।
– छोटे और जरूरी कामम तत्काल निर्देश देकर पूरा कराना होगा।
– जिन कामों के लिए नीति में बदलाव या अतिरिक्त फंड की जरूरत होगी, उनके लिए विभागीय मंत्री और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर पूरा कराने की प्रक्रिया करनी होगी।