कलेक्टर के तबादले पर कांग्रेसियों ने फोड़े बम, सोशल मीडिया पर भी खुशी की लहर

भोपाल।
प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा शुक्रवार-शनिवार को कई जिलों के कलेक्टरों का तबादला किया गया, इसमें छतरपुर कलेक्टर मोहित बुंदस भी शामिल है, जिनकी लंबे समय से सीएम कमलनाथ को शिकायत मिल रही थी।आखिरकार स्थानीय नेताओं के साथ विवाद और कांग्रेसी विधायकों के विरोध के बाद मोहित बुंदस को शासन में उप सचिव बना दिया गया है। शुक्रवार की शाम छतरपुर में जैसे ही जिला कलेक्टर मोहित बुंदस के स्थानांतरण की जानकारी आई तो सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर हर्ष का माहौल नजर आने लगा।

जहां इस फैसले से स्थानीय नेताओं और कांग्रेस विधायकों में खुशी की लहर है वही जिले की जनता भी खुश नजर आ रही है।जैसे ही बुंदस के तबादले की खबर किसान मोर्चे के प्रदेश सचिव दिलीप क्षत्रिय एवं युवा कांग्रेस लोकसभा उपाध्यक्ष निसार खान को मिली उन्होंने शहर के छत्रसाल चौराहे एवं कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जमकर आतिशबाजी कर खुशी मनाई ।स्थानीय नेताओं का कहना है कि कलेक्टर मोहित बुंदस अपनी कार्यशैली को लेकर अक्सर विवादों में रहते थे कांग्रेस नेताओं ने बताया कलेक्टर की कार्यशैली सबसे ज्यादा परेशान कांग्रेस कार्यकर्ता थे इसलिए उन्होंने कलेक्टर के तबादला होने पर आतिशबाजी कर खुशी मनाई।

इस दौरान कांग्रेस नेता दिलीप सिंह का कहना था कि कलेक्टर मोहित बुंदस ने जब पद संभाला था तभी से विवादों में थे। जनता, व्यापारी, किसानों और नेताओं, कार्यकर्ताओ के कार्यों से उन्हें कोई सरोकार नहीं था। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि कलेक्टर जनभावनाओं को नहीं समझते थे। कई बेबस लोगों को अपने काम के लिए उनके वाहन के सामने भी लेटना पड़ा, लेकिन उनके काम नहीं हो सके।

पांचों विधायकों ने सीएम को लिखा था पत्र
बुंदस को हटाए जाने के लिए जिले के पांचों विधायकों कुंवर विक्रम सिंह नातीराजा, आलोक चतुर्वेदी, प्रद्युमन सिंह लोधी, नीरज दीक्षित और सपा विधायक राजेश शुक्ला भी कलेक्टर ने पहले से ही मोर्चा खोल रखा था। विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि विधायक जब विधानसभा क्षेत्र की दिक्कतों के बारे में कलेक्टर को बताते हैं तो उनका समाधान नहीं किया जाता। मुलाकात के लिए भी समय नहीं दिया जाता।

भाजपा विधायक को भी करवा चुके है इंतजार
बीते दिनों जब चंदला से भाजपा विधायक राजेश प्रजापति कलेक्टर मोहित बुंदस से मिलने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे तो उन्हें कलेक्टर से मिलने के लिए कक्ष से बाहर करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा जिससे वे भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर जनता से नहीं मिल रहा हैं। उन्हें विपक्ष का विधायक होने के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं, इस संबंध में कलेक्टर बुंदस का कहना था कि चंदला विधायक बगैर किसी सूचना के अचानक आए थे। इस दौरान कुछ छात्र-छात्राएं और राजनगर विधायक भी मिलने आए थे। इस कारण कुछ समय लगा।