मध्यप्रदेश में कलेक्टरों के तबादलों पर आयोग की रोक

भोपाल

आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों को देखते हुए  चुनाव आयोग ने तबादलों पर रोक लगा दी है।यह व्यवस्था मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन 20 जनवरी तक रहेगी। यह रोक चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों के लिए लगाई गई है। यदि सरकार को किसी अधिकारी को तबादला करना बेहद जरूरी है तो इसके लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी।हालांकि प्रदेश में तबादलों पर पहले से ही रोक है लेकिन मुख्यमंत्री समन्वय से अनुमति लेकर तबादले किए जा रहे है, लेकिन अब आयोग की अनमुति लेनी होगी।

दरअसल, आयोग की ओर से 25 नवंबर से 20 जनवरी 2020 तक मतदाता सूचियों का संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चलेगा। इसको देखते हुए प्रशासनिक सुधार विभाग ने तबादलों पर रोक के आदेश जारी किए हैं।25 नवंबर से 57 दिन तक राज्यभर में तबादलों पर रोक रहेगी।  चुनाव आयोग मतदाता सूची में एक जनवरी 2020 की स्थिति में 18 साल के होने वाले युवाओं के नाम शामिल करने के लिए अभियान चलाएगा। 25 नवंबर को सभी जिलों में मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन होगा। इसके बाद कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी), एसडीएम (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) और बूथ लेवल ऑफिसर (शिक्षक सहित अन्य कर्मचारी) के तबादलों पर रोक लग जाएगी। 

आयोग से लेनी होगी मंजूरी

इस बीच यदि सरकार को किसी अधिकारी को तबादला करना बेहद जरूरी है तो इसके लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी।  सरकार को किसी भी कलेक्टर का तबादला करना यदि जरूरी है तो इसके लिए उसे पैनल बनाकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से चुनाव आयोग भेजनी होगी। आयोग सामान्य तौर पर शासन के पक्ष को स्वीकार कर एक नाम को मंजूरी दे देता है। इसके बाद ही तबादला आदेश निकाले जा सकते हैं।