भोपाल| राज्य की बिजली वितरण कंपनियों से निकाले गए संविदाकर्मियों को फिर से रखने के संबंध में कमेटी गठित की जाएगी। ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने बिजली कम्पनियों के अधिकारियों-कर्मचारियों की यूनाइटेड फोरम के साथ बैठक में यह बात कही| उन्होंने कहा किसी भी संविदाकर्मी के विरुद्ध बगैर जाँच कार्यवाही नहीं होना चाहिए। 

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सभी संविदाकर्मियों की नेशनल पेंशन स्कीम के तहत कटौती करने के संबंध में विचार किया जाएगा। इनकी वेतन-वृद्धि प्रतिवर्ष एक प्रतिशत से बढ़ाकर शासन की नीति अनुसार की जाएगी। अधिकारी वर्ग में रिक्त पदों पर होने वाली भर्ती में 30 प्रतिशत और कर्मचारियों के पद पर 50 प्रतिशत पदों में संविदाकर्मियों को मौका देने पर विचार किया जायेगा। वर्तमान में यह प्रतिशत क्रमश: 25 और 40 है। श्री सिंह ने कहा कि संविदा कर्मियों को चिकित्सा सुविधा भी दी जानी चाहिए।

बैठक में यूनाइटेड फोरम के पदाधिकारियों ने विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान प्रमुख सचिव ऊर्जा  मोहम्मद सुलेमान, सचिव नीतेश व्यास और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ओएसडी प्रशांत चतुर्वेदी उपस्थित थे।