प्रदेश में अतिवृष्टि से हुई तबाही के आकलन के लिए समितियां गठित

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर अतिवृष्टि ने तबाही मचा दी है। अब इससे हुए नुकसान के आकलन के लिए सरकार ने समितियों का गठन किया है। जल संसाधन एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट के निर्देश पर जल संसाधन विभाग द्वारा दो समितियों का गठन किया गया है। यह समितियां अतिवृष्टि से प्रभावित बांध एवं नहर प्रणाली में हुए नुकसान और दुरूस्तीकरण का आकलन कर 4 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

दो कैबिनेट मंत्री ने की इस्तीफा देने की तैयारी! डैमेज कंट्रोल में जुटे CM

वहीं प्रमुख अभियंता मदन सिंह डाबर ने राजघाट नहर प्रणाली हर्सी उच्च स्तरीय नहर प्रणाली एवं सिंध नहर प्रणाली में अति वर्षा एवं बाढ़ से सिंचाई परियोजनाओं में हुई क्षति के आकलन के दुरूस्तीकरण के लिए अधीक्षण यंत्री श्री सुनील सेठी की अधक्षयता में 4 सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसी प्रकार चंबल नहर प्रणाली श्योपुर, मुरैना, भिण्ड जिले में अति बारिश एवं बाढ़ से सिंचाई परियोजनाओं में हुई क्षति के आकलन के लिए प्रभारी संचालक दीपक सातपुते की अधक्षयता में कमेटी गठित की है। दोनों कमेटी स्थल का निरीक्षण कर संबंधित मुख्य अभियंता से समन्वय कर विस्तृत प्रतिवेदन अभिलेखों सहित 14 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।