राज्यसभा: दिग्विजय-सिंधिया की दावेदारी के बीच अब इस दिग्गज ने ठोकी ताल

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भोपाल।
राज्यसभा चुनावों (Rajyasabha Election) की तारीखों के ऐलान के बाद से ही कांग्रेस(Congress) में घमासान मचा हुआ है।एक के बाद एक नेता दावेदारी ठोक पार्टी की मुश्किलें बढ़ा रहे है। अब दिग्विजय(Digvijay) सिंधिया(jyotiraditya Scindia) की दावेदारी के बीच विधानसभा चुनाव (Vindhansabha election) के दौरान भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए दिग्गज नेता रामकृष्ण कुसमारिया(ramkrishna kusmariya) ने दावेदारी ठोक कर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।कुसमारिया है ऐसे समय में दावेदारी पेश की है जब कांग्रेस के दो दिग्गज नेता सिंधिया और दिग्विजय की राज्यसभा जाने की अटकलें तेज है।अब पार्टी कुसमारिया को टिकिट देती है या नही, यह तो भविष्य ही बतायेगा।लेकिन राज्यसभा के लिए नेताओं का नाम फायनल ना होने के चलते दावेदार पार्टी को जमकर धर्म संकट में डाल रहे है।

दरअसल, राज्यसभा सीट के लिए ताल मार्च के अंतिम सप्ताह में होने जा रहे राज्यसभा की तीन सीटों के लिए अब दावेदारों के नाम आने शुरू हो गए हैं। मध्यप्रदेश (madhyapradesh) में तीन राज्य सभा सीटें ,प्रभात झा (prabhat jha), सत्यनारायण जटिया(satyanarayan jatiya) और दिग्विजय सिंह (digvijay singh) के रूप में खाली हो रही हैं जिनमें दिग्विजय कॉन्ग्रेस (congress) और जटिया व झा बीजेपी (bjp) की सीटें हैं ।विधानसभा की गणित के हिसाब से इस बार दो सीटें कांग्रेस को मिलने की संभावना लग रही है।

उम्मीद की जा रही है कि मध्य प्रदेश की वर्तमान सरकार में अपने प्रभाव के चलते दिग्विजय सिंह दूसरी बार राज्यसभा के लिए भेजे जाएंगे। वही ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) समर्थक भी उनके लिए लगातार राज्यसभा टिकट की मांग कर रहे हैं ।इसी बीच पिछले साल फरवरी के दौरान राहुल गांधी (rahul gandhi) के सामने कांग्रेस का दामन थामने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता डा. रामकृष्ण कुसमरिया (ramkrashna kusmariya) ने भी कांग्रेस के टिकट के लिए दावेदारी पेश कर दी है। एमपी ब्रेकिन्ग से बातचीत मे कुसमरिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में वर्तमान में कोई भी जनाधार वाला नेता ऐसा नहीं है जो उनसे ज्यादा प्रभाव रखता हूं उनका बुंदेलखंड सहित पूरे मध्यप्रदेश में काफी व्यापक प्रभाव है और पार्टी यदि उन्हें राज्यसभा में भेजती है तो इसे पार्टी को बहुत लाभ होगा ।कुसमरिया का कहना है कि उनके बूते पर बुंदेलखंड में कांग्रेस ने 11 सीटें जीती हैं,  वे पिछड़े वर्ग से, पिछङे क्षेत्र बुंदेलखंड (bundelkhand) से आते हैं इसीलिए उनको राज्यसभा में भेजा जाना चाहिए ।

कौन है कुसमारिया
रामकृष्ण कुसमारिया बीजेपी के बड़े कुर्मी नेता हैं, बुंदेलखंड इलाके में वो कई बार अलग-अलग सीटों से लोकसभा और मप्र विधानसभा में बीजेपी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।  पांच बार लोकसभा और चार बार विधानसभा के सदस्य रह चुके डॉ रामकृष्ण कुसमरिया मध्यप्रदेश की शिवराज (shivraj) सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं ।उनका सागर दमोह, पथरिया, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना में सामाजिक स्तर पर अच्छा खासा प्रभाव है ।चाहे 2008 में परिसीमन के पहले की खजुराहो लोकसभा सीट हो या फिर दमोह, पन्ना लोकसभा सीट हो, दोनों सीटों से रामकृष्ण कुसमारिया लोकसभा पहुंचे हैं।  पिछले विधानसभा चुनाव में वे दमोह व पथरिया से निर्दलीय चुनाव लड़े थे । वे जीत तो नहीं पाए लेकिन उनके कारण दोनों सीटें कांग्रेस ने बीजेपी से छीन ली ।कुसमरिया बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।डॉ. कुसमरिया चार बार विधानसभा और पांच बार लोकसभा चुनाव जीते। 2008 में विधानसभा चुनाव जीतकर वे शिवराज सरकार में कृषि मंत्री बनाए गए थे। 2013 में वे चुनाव हार गए थे।