घंटे भर में सिंधिया की वफादारी मंत्रियों के लिये गद्दारी में बदली

भोपाल। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट कर सिंधिया पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अपनाए गए चरित्र को लेकर मुझे ज़रा भी अफसोस नहीं है।  सिंधिया खानदान ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी अंग्रेज हुकूमत और उनका साथ देने वाली विचारधारा की पंक्ति में खड़े होकर उनकी मदद की थी,आज ज्योतिरादित्य ने उसी घिनौनी विचारधारा के साथ एक बार पुनः खड़े होकर अपने पूर्वजों को सलामी दी है। आने वाला वक़्त अपने स्वार्थों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के 15 वर्षों तक किए गए ईमानदारी पूर्ण जमीनी संघर्ष के बाद पाई सत्ता को अपने निजी स्वार्थों के लिए झोंक देने वाले जयचंदों – मीर जाफरों को कड़ा सबक सिखाएगा।

वहीं जीतू पटवारी ने भी ट्ववीट कर सिंधिया के कदम की निंदा करते हुए लिखा है कि एक इतिहास बना था 1857 में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की मौत से, फिर एक इतिहास बना था 1967 में संविद सरकार से और आज फिर एक इतिहास बन गया है।

घंटे भर में सिंधिया की वफादारी मंत्रियों के लिये गद्दारी में बदली

घंटे भर में सिंधिया की वफादारी मंत्रियों के लिये गद्दारी में बदली